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TMC सांसद काकली घोष के परिवार का नाम SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं, EC ने 90 साल की मां और बेटों को सुनवाई के लिए बुलाया

 Reported By: Onkar Sarkar, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Dec 27, 2025 01:10 pm IST,  Updated : Dec 27, 2025 01:23 pm IST

बारासात से तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने चुनाव आयोग पर उन्हें और उनके परिवार को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया है।

 टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तीदार - India TV Hindi
टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तीदार। फाइल फोटो Image Source : PTI

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में जारी SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तीदार के परिवार वालों का नाम नहीं है। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस की चीफ व्हिप और सांसद काकली घोष दस्तीदार के परिवार वालों को SIR हियरिंग के लिए बुलाया गया है। काकली घोष दस्तीदार की मां, 90 साल की इरा मित्रा को हियरिंग के लिए बुलाया गया है। काकली के दो बेटे, जो पेशे से डॉक्टर हैं, बिश्वनाथ दस्तीदार और बैद्यनाथ दस्तीदार को भी हियरिंग के लिए बुलाया गया है। काकली की छोटी बहन पियाली मित्रा को भी चुनाव आयोग ने हियरिंग के लिए बुलाया है।

बारासात में सुनवाई के लिए बुलाया गया

काकली के दोनों बेटे कोलकाता के वोटर हैं। मां और बहन अब तक नॉर्थ 24 परगना में वोट देती रही हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के डिगबेरिया में वोट दिया था। इसी तरह, काकली के दो बेटों को कोलकाता में और उनकी मां और बहन को बारासात ब्लॉक नंबर 2 में हियरिंग के लिए पेश होने को कहा गया है। मामला सामने आते ही राज्य की पॉलिटिक्स में हलचल मच गई है।

जानबूझकर परेशान करने का आरोप 

तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारों पर काम कर रहा है। सांसद ने आयोग पर उनके परिवार को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हर मुमकिन तरीका अपना रही है। 

बता दें कि बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत सुनवाई शनिवार से राज्य भर के 3,234 केंद्रों पर होगी। हर विधानसभा सीट पर 11 टेबल पर सुनवाई होगी। सुनवाई 4,500 से ज़्यादा माइक्रो-ऑब्ज़र्वर की देखरेख में होगी, जिन्हें EROs (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर), AROs (असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर), BLOs (बूथ-लेवल ऑफिसर) और हियरिंग सेंटर पर मौजूद ऑब्ज़र्वर ने मंज़ूरी दी है। चुनाव आयोग ने कमीशन ने पहचान और पते के सबूत के तौर पर 12 दस्तावेज़ों को मंज़ूरी दी है। 

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