Bhanu Saptami 2026: सप्तमी तिथि भगवान सूर्य देव को समर्पित है। सप्तमी तिथि को बड़ा ही शुभ माना जाता है। विशेषकर तब, जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ रही हो। । साथ ही रविवार के दिन सूर्य देव की उपासना करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। ऐसे में जब सप्तमी तिथि और रविवार का संयोग बन रहा हो तो सूर्यदेव की उपासना करना और भी शुभ हो जाता है। रविवार के साथ सप्तमी तिथि के इस संयोग को भानु सप्तमी या रवि सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल भानु सप्तमी 8 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। भानु सप्तमी के दिन भगवान भास्कर की उपासना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तो आइए जानते हैं भानु सप्तमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
भानु सप्तमी 2026 शुभ मुहूर्त
भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त का आरंभ 8 फरवरी को सुबह 5 बजकर 21 मिनट से सुबह 6 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। रविवार को पूरा दिन पूरी रात पर कर के सोमवार सुबह 5 बजकर 2 मिनट तक सूर्य के प्रभाव वाला रवि योग भी रहेगा। सूर्य देव की उपासना करने से व्यक्ति को स्वस्थ शरीर और निरोगी काया की प्राप्ति होती है।
भानु सप्तमी पूजा विधि
- भानु सप्तमी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे कपड़े पहन लें।
- इसके बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, सिंदूर मिलाकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- सूर्य देव को जल चढ़ाते समय सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें।
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- भानु सप्तमी का व्रत फलाहार या दूध पर रखा जाता है। तो इस दिन किसी भी तरह के नमक का सेवन न करें।
सूर्य देव के इन मंत्र को करें जाप
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ घृणि सूर्याय नमः
- ॐ भास्कराय नम:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
- ॐ आदित्याय नम:
- ऊं रवये नम:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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