गंगटोक: भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित पर्वतीय राज्य सिक्किम में भूकंप की वजह से धरती कांपी है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी जानमाल के किसी नुकसान की बात सामने नहीं आई है।
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आज ही म्यांमार में भी कांपी थी धरती
आज ही भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में भी भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.9 मापी गई थी। इस भूकंप की गहराई 85 किलोमीटर थी।
सिक्किम में शुक्रवार को भी आया था भूकंप
सिक्किम में शुक्रवार को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। सिक्किम में रात 1 बजे से भूकंप के झटके महसूस होना शुरू हुए थे, उसके बाद लगातार अलग-अलग इलाकों में कई बार भूकंप की वजह से धरती कांपी थी।
सिक्किम में आधी रात (रात 1 बजकर 9 मिनट पर) को सबसे पहले 4.5 की तीव्रता के भूकंप के झटके लगे, इसके बाद अन्य इलाकों में भी भूकंप की वजह से धरती कांपी। इन इलाकों में गंगटोक, मंगन, नामची शामिल है।
क्यों आता है भूकंप?
धरती के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं तो इसकी वजह से भूकंप आता है। इसके अलावा भी भूकंप आने के कई कारण होते हैं।
भूकंप की तीव्रता हम कैसे महसूस कर सकते हैं?
- 0 से 1.9: पता नहीं लगता
- 2 से 2.9: बहुत कम पता लगता है
- 3 से 3.9: भारी वाहन पास से गुजरे, ऐसा लगता है
- 4 से 4.9: कंपन से रखा सामान गिर सकता है
- 5 से 5.9: भारी आइटम्स भी हिलते दिखेंगे
- 6 से 6.9: बिल्डिंग में दरार
- 7 से 7.9: बिल्डिंग धरासाई हो सकती है
- 8 से 8.9: सुनामी आ सकती है
- 9 या ज्यादा: भयानक रूप से तबाही और मौतें हो सकती हैं
भूकंप आने पर क्या करें?
- किसी भी तरह की बिल्डिंग में हैं तो बाहर निकलकर खुले मैदान में जाने की कोशिश करें।
- अगर बिल्डिंग से बाहर नहीं निकल पाए हैं तो जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं या लेट जाएं, जिससे आप कंपन से गिर ना जाएं।
- मजबूत मेज, डेस्क या बिस्तर के नीचे छिप जाएं।
- किसी मजबूत चीज को पकड़कर बैठ जाएं, जिससे वह हिले भी तो आप सुरक्षित रहें।
- भागकर सीढ़ी/लिफ्ट का इस्तेमाल ना करें। इससे आप गिरकर चोटिल हो सकते हैं।