1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Malmas 2026: आज से शुरू हुआ मलमास, इतने दिनों तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य, जानें अधिकमास समाप्त होने की तिथि

Malmas 2026: आज से शुरू हुआ मलमास, इतने दिनों तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य, जानें अधिकमास समाप्त होने की तिथि

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 17, 2026 10:03 pm IST,  Updated : May 17, 2026 10:03 pm IST

Malmas 2026: आज से मलमास का महीना आरंभ हो चुका है। अब पूरे एक महीने तक सभी मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी। तो आइए जानते हैं कि मलमास कब समाप्त होगा और इस दौरान शुभ कार्य क्यों वर्जित होते हैं।

मलमास 2026- India TV Hindi
मलमास 2026 Image Source : MAGNIFIC

Malmas / Adhikmas 2026 Start Date: आज यानी 17 मई से मलमास शुरू हो रहा है। मलमास को अधिकमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में मलमास के दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। अधिकमास में विवाह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे सभी तरह के मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है। लेकिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए मलमास का महीना अत्यंत ही फलदायी और उत्तम माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि इस बार मलमास कितने दिनों का होगा, यह कब समाप्त होगा और इस दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मलमास में क्यों बंद हो जाते हैं मांगलिक कार्य?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश नहीं करते (यानी संक्रांति नहीं होती) तो उस समय को मलमास कहा जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, हर मास के लिए एक देवता हैं। मगर मलमास का स्वामी बनने के लिए कोई देवता तैयार नहीं हुए। स्वामी विहीन होने के कारण इस मास को मलिन मान लिया गया था लेकिन बाद में भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम 'पुरुषोत्तम' दिया।  दरअसल पुरूषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है। यही वजह है कि इस महीने में सांसारिक मांगलिक कार्य तो वर्जित होते हैं लेकिन श्रीहरि विष्णु और भगवान शिव की साधना करने से अनंत गुना फल मिलता है।

मलमास (अधिकमास) 2026 कब समाप्त होगा?

मलमास की शुरुआत 17 मई से हो चुकी है, जो कि पूरे एक महीन तक रहेगा। मलमास 15 जून 2026 को समाप्त होगा। इस साल मलमास ज्येष्ठ माह में लग रहा है इसलिए इसे ज्येष्ठ मलमास या ज्येष्ठ अधिकमास कहेंगे। आपको बता दें कि  मलमास या अधिकमास हर 3 साल में एक बार आता है। इससे पिछला अधिकमास साल 2023 सावन महीने (श्रावण अधिकमास) में लगा था।

मलमास में क्या करें और क्या न करें?

  • नया घर नहीं खरीदना चाहिए।
  • गृह प्रवेश, सगाई, विवाह, नामकरण संस्कार और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य भूलकर भी न करें।
  • इस दौरान नए बिजनेस या नए काम की शुरुआत करने से भी बचना चाहिए।
  • इस पूरे महीने में भगवान विष्णु के 'पुरुषोत्तम' रूप की पूजा करें।
  • इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • अधिकमास में रामायण या गीता का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। 
  • इस महीने में किए गए दान (जैसे अनाज, वस्त्र और दीपदान) से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

Gajkesari Yog: 18 मई की रात बदलेगा 3 राशियों का भाग्य, गजकेसरी योग दिलाएगा धन लाभ और तरक्की

Astrology: अंगारों पर चलने का दम रखते हैं 4 राशियों के लोग, इनका साहस दिलाता है इन्हें बड़ी उपलब्धि

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।