बांसवाड़ा: तेलंगाना में आगामी नगर पालिका चुनावों के लिए जोरदार प्रचार अभियान चल रहा है और नेता एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधते हए नजर आ रहे हैं। इस दौरान भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने शनिवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने रेवंत रेड्डी को कांग्रेस में बीजेपी का 'ट्रोजन हॉर्स' बताया, यानी एक ऐसा छिपा हुआ दुश्मन जो अंदर से हमला करता है। एक बड़े रोडशो के बाद सभा को संबोधित करते हुए KTR ने मतदाताओं से, खासकर अल्पसंख्यकों से अपील की कि वे कांग्रेस का 'मुखौटा' हटाकर उसके नीचे छिपे भगवा रंग को देखें।
'रेवंत रेड्डी दिल से कभी कांग्रेसी नहीं थे'
KTR ने कहा, 'रेवंत दिल से कभी कांग्रेसी नहीं थे, वे पूरी तरह बीजेपी वाले हैं। वे दिल्ली के 'बड़े भाई' के छोटे भाई जैसे हैं।' उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री और बीजेपी के शीर्ष नेताओं के बीच कोई गुप्त समझौता है। केटीआर ने मुख्यमंत्री के बढ़ते हुए आक्रामक और अक्सर गंदी भाषा वाले राजनीतिक अंदाज पर तंज कसा। उन्होंने रेवंत को 'लगुला थोंडाला रेड्डी' (पैंट में छिपी छिपकली वाला रेड्डी) कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत शासन के बजाय गाली-गलौज पर ध्यान देते हैं। जब विपक्ष उनसे '420 असफल वादों' की जवाबदेही मांगता है, तो वे 'आंतें निकालने' या 'आंखों से गोटियां खेलने' जैसी सड़क छाप धमकियां देते हैं।
'केसीआर रेवंत को पहचानते भी नहीं हैं'
केटीआर ने कहा, '2 साल से उनकी सरकार का एक ही एजेंडा है, केसीआर की आलोचना करना। वे केसीआर का नाम इतना जपते हैं जितना कोई भक्त 'राम कोटि' लिखता है। मजेदार बात यह है कि केसीआर उन्हें पहचानते भी नहीं हैं, और इसी वजह से रेवंत हमेशा कुंठित रहते हैं।' उन्होंने पूर्व स्पीकर पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी पर भी हमला बोला, जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। केटीआर ने रेवंत रेड्डी के पुराने वीडियो क्लिप चलाए, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर पोचाराम को 'बैल' और उनके बेटों को 'भैंसा' कहा था, जो रेत की तस्करी में शामिल हैं।
'गर्दन में पत्थर बांधकर कुएं में कूद जाएं'
पोचाराम पर निशाना साधते हुए KTR ने कहा, 'पोचाराम ने कभी भगवान वेंकटेश्वर की कसम खाकर केसीआर के प्रति जीवनभर की वफादारी का वादा किया था। आज रेवंत की मेज से मिलने वाले कुछ 'टुकड़ों' के लिए उन्होंने अपनी आत्मा बेच दी है। अगर उनमें जरा सा भी आत्म-सम्मान बाकी है, तो इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ें। वरना रेवंत की पुरानी सलाह मानें और गर्दन में पत्थर बांधकर कुएं में कूद जाएं।' KTR ने दांडू पालयम और स्टुअर्टपुरम जैसे कुख्यात गिरोहों से तुलना करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनकी 'लूट और भागो' की नीति अब नगर पालिका स्तर पर पहुंच गई है।


