भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील के स्ट्रक्चर को अंतिम रूप दे दिया गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर साइन भी कर दिए हैं। इसके बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस समझौते की प्रमुख शर्तों और भारत को मिलने वाले फायदों की जानकारी दी। यह डील खास तौर पर किसानों, MSMEs और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
पीयूष गोयल ने बताया कि इस ट्रेड डील के बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर अधिकतम 18 फीसदी तक ही टैरिफ लगेगा। इतना ही नहीं, कई प्रमुख उत्पादों को पूरी तरह से टैरिफ-फ्री यानी जीरो ड्यूटी की कैटेगरी में रखा गया है। इससे भारतीय प्रोडक्ट अमेरिकी बाजार में और ज्यादा कॉम्पिटिशन बनेंगे।
चाय, मसाले और कृषि उत्पादों को 0 टैरिफ की सौगात
पीयूष गोयल के मुताबिक, इस समझौते में किसानों के हितों को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी दी गई है। चाय, मसाले, कॉफी, नारियल तेल, कोपरा और वनस्पति मोम जैसे प्रोडक्ट अब अमेरिका में बिना किसी आयात शुल्क के पहुंचेंगे। इसके अलावा आम, केला, अमरूद, पपीता, अनानास, कीवी, एवोकाडो, मशरूम, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद और खट्टे फलों के रस जैसे कई कृषि प्रोडक्ट भी टैरिफ-फ्री होंगे।
किसानों को नुकसान नहीं, सुरक्षा भी बरकरार
पीयूष गोयल ने साफ कहा कि सरकार ने ऐसा कोई समझौता नहीं किया है जिससे देश के किसानों को नुकसान पहुंचे। डेयरी प्रोडक्ट, अनाज और कई मसालों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, ताकि इनका आयात भारत में न हो सके और घरेलू उत्पादकों पर असर न पड़े।
दवाएं, जेम्स-ज्वेलरी और स्मार्टफोन भी शामिल
इस ट्रेड डील के तहत भारत से अमेरिका को होने वाले करीब 13 अरब डॉलर के दवा निर्यात पर भी शून्य टैरिफ लगेगा। रत्न और आभूषण, हीरे, प्लैटिनम, घड़ियां और आवश्यक तेल जैसे ज्यादा-मूल्य वाले प्रोडक्ट्स को भी शुल्क-फ्री पहुंच मिलेगी। भविष्य में भारत से निर्यात होने वाले स्मार्टफोन, मशीनरी पार्ट्स और जेनेरिक दवाओं पर भी टैरिफ खत्म करने की प्लानिंग है।
अमेरिका को क्या फायदा मिलेगा?
वहीं अमेरिका की ओर से कहा गया है कि भारत, अमेरिका से आने वाली कई औद्योगिक वस्तुओं और कृषि प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाएगा या खत्म करेगा। इसमें पशु आहार, ट्री नट्स, फल, सोयाबीन तेल और स्प्रिट जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। कुल मिलाकर, यह भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारत के निर्यात को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है, जिससे मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स की गूंज अब अमेरिकी बाजार में और तेज सुनाई देगी।






































