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‘कांग्रेस मुस्लिम है और मुस्लिम ही कांग्रेस’, तुष्टिकरण से भरा ऐसा बयान देने को क्यों मजबूर हैं ताकतवर CM रेवंत रेड्डी

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 07, 2025 09:40 am IST,  Updated : Nov 07, 2025 09:58 am IST

क्या सीएम रेवंत रेड्डी का विवादास्पद बयान उनकी सियासी रणनीति का हिस्सा है क्योंकि जुबली हिल्स का उपचुनाव सभी दलों के लिए नाक का सवाल बन गया है। अगर कांग्रेस उपचुनाव हारती है तो सीएम रेड्डी की साख पर सवाल उठ सकता है।

Revanth Reddy communal politics- India TV Hindi
सीएम रेवंत रेड्डी सांप्रदायिक राजनीति करने के लिए क्यों मजबूर हैं? Image Source : PTI

नई दिल्ली: तेलंगाना में सियासी पारा गर्म है। इसकी वजह है हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव और सीएम रेवंत रेड्डी का विवादास्पद बयान। दरअसल, रेवंत रेड्डी जब जुबली हिल्स विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव के लिए प्रचार करने गए थे तो उन्होंने कांग्रेस और मुस्लिमों के रिश्ते पर टिप्पणी कर दी। रेवंत ने कहा कि कांग्रेस का मतलब है मुस्लिम और मुस्लिम का मतलब है कांग्रेस। वोट मांगते वक्त सीएम रेवंत की कही ये बात तेलंगाना समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई कि भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में ये बयान कैसे मुमकिन है? ऐसे विवादास्पद बयान देने के पीछे सीएम रेवंत रेड्डी की क्या रणनीति हो सकती है, इस खबर में समझिए।

जुबली हिल्स सीट पर है दिलचस्प मुकाबला

बता दें कि जुबली हिल्स विधानसभा सीट BRS के विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के बाद खाली हुई है। जुबली हिल्स उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। यहां कुल 58 कैंडिडेट चुनावी मैदान में हैं। जुबली हिल्स उपचुनाव के लिए 81 उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन किया था। हालांकि, बाद में 23 उम्मीदवारों ने या तो अपना नाम वापस ले लिया या फिर दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद उनका नॉमिनेशन कैंसिल कर दिया गया। जुबली हिल्स उपचुनाव की बात करें तो यहां त्रिकोणीय मुकाबला दिख रहा है। यहां BRS कैंडिडेट मगंती सुनीता, कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव और बीजेपी प्रत्याशी लंकाला दीपक रेड्डी के बीच टक्कर है। जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने कांग्रेस प्रत्याशी नवीन यादव का समर्थन करने का ऐलान किया है।

सीएम रेड्डी ने क्यों दिया विवादास्पद बयान?

चूंकि जुबली हिल्स उपचुनाव में 58 उम्मीदवार हैं तो बीजेपी को उम्मीद है कि मुस्लिम बहुल विधानसभा में भी वह जीत सकती है। अगर मुस्लिम वोट बंट गए तो उनके उम्मीदवार को सफलता मिल सकती है। और शायद यही डर सीएम रेवंत रेड्डी को है। इसीलिए वह नहीं चाहते हैं कि बीआरस, कांग्रेस और अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों में मुस्लिमों में बंट जाए और बीजेपी आगे निकल जाए। माना जा रहा है कि मौके की नजाकत को देखते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने ध्रुवीकरण की कोशिश कि जिससे की उनके पाले में मुस्लिमों के वोट एकमुश्त आएं।

क्या रेड्डी की अपील पर इकट्ठा होंगे मुस्लिम?

दरअसल, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को मुस्लिम चेहरे के तौर पर तेलंगाना सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का विरोध किया था। इसी फैसले के जवाब में सीएम रेवंत रेड्डी ने ऐसा बयान दे डाला। सीएम रेवंत रेड्डी को ये दिखाना था कि कांग्रेस, तेलंगाना में अकेली ऐसी सियासी पार्टी है जो अल्पसंख्यकों को पूरा मौका देती है। सीएम रेवंत रेड्डी का ये बयान जुबली हिल्स विधानसभा में मुस्लिम वोटर्स को उनके पक्ष में इकट्ठा करने में भी काम आ सकता है। जुबली हिल्स विधानसभा में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता हैं, इनकी संख्या 1.4 लाख के करीब है। सीएम रेवंत रेड्डी का बयान जुबली हिल्स विधानसभा के मुस्लिमों के लिए एक अपील का काम कर सकता है कि कांग्रेस अकेला राजनीतिक दल है जो उनकी रक्षा और फायदे कराने में सबसे आगे रहता है।

क्या है छोटी मगर मोटी बात?

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणी कांग्रेस को बाकी दोनों प्रमुख पार्टियों यानी केसीआर की भारत राष्ट्र समिति और बीजेपी से अलग दिखाने के लिए भी है। सीएम रेवंत रेड्डी कई बार केसीआर की पार्टी पर मुस्लिमों से धोखा करने का आरोप लगा चुके हैं। उनका तो यहां तक कहना है कि BRS और बीजेपी की परदे के पीछे मिलीभगत है। इसीलिए मुसलमानों को कांग्रेस के अलावा किसी भी पॉलिटिकल पार्टी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। छोटी मगर मोटी बात ये है कि सीएम रेवंत रेड्डी को किसी भी हाल में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को जीत दिलानी है। इसी वजह से उन्होंने मास अपील की और मुस्लिमों से एकमुश्त कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट देने के लिए कहा।

सीएम के बयान पर बीजेपी का रिएक्शन

हालांकि, ये बात अलग है कि सीएम रेवंत रेड्डी की इस विवादित बयान के लिए काफी निंदा हुई है। बीजेपी ने इसकी आलोचना की है। बीजेपी ने सीएम रेवंत रेड्डी के इस बयान को कम्युनल वोटबैंक पॉलिटिक्स का हिस्सा बताया है। इसके अलावा, बीआरस भी सीएम रेवंत रेड्डी के बयान को भ्रामक बता रही है। उनपर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है।

कांग्रेस नेता ने भी की सीएम की निंदा

खास बात ये रही है कि कांग्रेस नेता और बडे़ मुस्लिम नेता आबिद रसूल खान ने भी सीएम रेवंत रेड्डी के भाषण के एक हिस्से की आलोचना की। आबिद रसूल खान ने कहा कि कांग्रेस के बिना मुसलमान कुछ नहीं हैं, ऐसा कहना सीएम रेवंत रेड्डी की गलती है। उन्हें ऐसा बयान देने से बचना चाहिए था। उनका ये बयान अपमानजनक और विभाजनकारी है। खान ने इसके लिए रेवंत रेड्डी से मांफी मांगने की डिमांड भी की। हालांकि, अपनी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

खैर चुनाव है तो बयानवीर अपने बयान देंगे ही लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या सीएम रेवंत रेड्डी के इस विवादास्पद बयान के बाद उपचुनाव में कांग्रेस को सफलता मिल पाएगी। उनका बयानबाजी का ये प्रयोग कितना सफल साबित होगा। क्या मुख्यमंत्री जुबली हिल्स के उपचुनाव में अपनी साख बचाने में कामयाबी पाएंगे या नहीं।

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