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Hindi News भारत राजनीति नितिन नबीन को पीएम मोदी ने बताया अपना बॉस, जानिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने क्या-क्या कहा

नितिन नबीन को पीएम मोदी ने बताया अपना बॉस, जानिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने क्या-क्या कहा

नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया है। पीएम मोदी ने उन्हें बधाई भी दी। पीएम मोदी अब मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने नितिन नबीन को अपना बॉस कहा।

पीएम मोदी ने नितिन नबीन को दी बधाई।- India TV Hindi Image Source : X/BJP4INDIA पीएम मोदी ने नितिन नबीन को दी बधाई।

नई दिल्ली: नितिन नबीन को भाजपा का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। आज बीजेपी के मुख्यालय में उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया। नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनकी उम्र 45 साल है। इस अवसर पर पीएम मोदी सहित बीजेपी के कई नेता मंच पर मौजूद रहे। पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई भी दी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नबीन जी को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। कई महीनों से संगठन पर्व यानि पार्टी का छोटी सी इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने तक की प्रक्रिया लोकतांत्रित तरीके से भाजपा के संविधान के तरीकों और उसमें बताई गई हर बात ध्यान में रखकर लगातार चल रही थी। आज उसका विधिपूर्वक समापन हुआ। मैं देशभर के कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया को सफल बनाने के  लिए अभिनंदन करता हूं। 

'BJP के सभी पूर्व अध्यक्षों को अभिनंदन'

पीएम मोदी ने कहा, "बीते एक डेढ़ वर्षों में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल जी की 100वीं जन्म जयंती, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष, ऐसे महापर्व हम मनाते रहे हैं। ये वे प्रेरणाएं हैं, जो देश के लिए जीने के हमारे संकल्प को और मजबूत करती हैं। हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा-राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। केंद्र में लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए की सरकार बनी। मैं भाजपा के सभी पूर्व अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। आप जानते हैं आज भाजपा का जितना फोकस संगठन के विस्तार पर है, उतनी ही बड़ी प्राथमिकता कार्यकर्ता के निर्माण की भी है।"

'शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा'

पीएम मोदी ने आगे कहा, "अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है। इस सफर में वेंकैया नायडू जी और नितिन गडकरी जी सहित हमारे कई वरिष्ठ साथियों ने संगठन को विस्तार दिया। राजनाथ जी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। फिर अमित भाई के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बनीं और लगातार दूसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। फिर जेपी नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक और सशक्त हुई और लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। मैं भाजपा के पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।"

'नितिन नबीन मेरे बॉस'

पीएम मोदी ने कहा, "लोगों को लगता होगा, नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गए। 25 साल ये लगातार Head of the Government रहे हैं। ये सब अपनी जगह है, लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। ये सबसे बड़ा गर्व है। नितिन नबीन जी, मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं और वह मेरे बॉस हैं। नितिन नबीन जी हम सभी के अध्यक्ष हैं। उनका दायित्व सिर्फ भाजपा को संभालना नहीं है, उन्हें एनडीए के साथियों के साथ भी सामंजस्य बनाना है। नितिन जी ने जब जो जिम्मेदारी मिली, तब उन्होंने अपने आप को साबित किया। इस साल जनसंघ की स्थापना के 75 साल पूरे हो रहे हैं। जनसंघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जो भी बलिदान दिए है, उनको मैं नमन करता हूं।"

'अगले 25 साल महत्वपूर्ण'

पीएम मोदी ने कहा, "अगले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह वह समय है जब एक विकसित भारत का निर्माण होना है, और यह होकर रहेगा। इस महत्वपूर्ण दौर की शुरुआत में, हमारे नितिन नवीन जी बीजेपी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आज के युवाओं की भाषा में कहें तो नितिन जी खुद एक तरह से मिलेनियल हैं। वह उस पीढ़ी के हैं जिसने भारत में बड़े आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव देखे हैं। वह उस पीढ़ी के हैं जिसने बचपन में रेडियो से जानकारी हासिल की और अब AI के एक्टिव यूजर हैं। नितिन जी में युवा जोश और संगठन के काम का लंबा अनुभव दोनों हैं। यह हमारी पार्टी के हर कार्यकर्ता के लिए बहुत फायदेमंद होगा।"

'बीजेपी एक संस्कृति है'

उन्होंने कहा, "बीजेपी एक संस्कृति है। बीजेपी एक परिवार है। यहां हमारे रिश्ते सिर्फ़ मेंबरशिप से कहीं ज़्यादा हैं। बीजेपी एक परंपरा है जो प्रोसेस से चलती है, पद से नहीं। हमारे अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन हमारे आदर्श नहीं बदलते। लीडरशिप बदलती है, लेकिन दिशा वही रहती है। बीजेपी की भावना राष्ट्रीय है, क्योंकि हमारा जुड़ाव लोकल है। हमारी जड़ें ज़मीन में गहरी हैं। इसीलिए बीजेपी क्षेत्रीय आकांक्षाओं के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म देती है। यह उन्हें राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं की नींव बनाती है, और इसीलिए आज देश के हर कोने से लोग बीजेपी के साथ हैं, बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, और सिर्फ़ इतना ही नहीं, जो भी अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करना चाहता है, उसे बीजेपी में एंट्री पॉइंट सबसे अच्छा और सुरक्षित ऑप्शन लगता है।"

'अपने सामर्थ्य से बनाई सरकार'

कई बार हमने देखा है कि लंबे समय के बाद सरकार का सत्ता में बने रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन भाजपा ने इस चलन को तोड़ दिया है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश या बिहार, कई राज्यों में भाजपा ने भारी बहुमत से चुनाव जीते हैं। चुनावों में भाजपा की जीत का रिकॉर्ड अभूतपूर्व है। अगर बीते 11 वर्षों की ही बात करें तो भाजपा की यात्रा जनविश्वास अर्जित करने की अद्भुत यात्रा रही है। बीते 11 वर्षों में भाजपा ने हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा में पहली बार अपने सामर्थ्य से सरकार बनाई। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भाजपा जनता की एक बड़ी आवाज बनकर उभरी है।

'जनता का भरोसा हुआ मजबूत'

पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की सेवा हमेशा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। हमने सत्ता को मौज-मस्ती का ज़रिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है, और इसलिए बीते डेढ़-दो वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। विधानसभा हो या स्थानीय निकाय, भाजपा की स्ट्राइक रेट अभूतपूर्व रही है। इस दौरान देश में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, इनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते हैं। आज भाजपा सिर्फ संसद और विधानसभा की ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी पहली पसंद है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र है।  भाजपा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। कुल 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है। कुल जितने पार्षद जीते हैं, उनमें से 50 प्रतिशत भाजपा के हैं। ऐसे ही केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। ऐसे ही तिरुवनंतपुरम की जनता ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया।

'भाजपा सुशासन की पार्टी'

पीएम ने आगे कहा, "कभी भाजपा ने एक अलग तरह की पार्टी के रूप में अपनी यात्रा शुरु की थी। आज भाजपा सुशासन की पार्टी भी है। देश ने आजादी के बाद शासन के अलग-अलग मॉडल देखे हैं, कांग्रेस के परिवारवाद का मॉडल, लेफ्ट का मॉडल, क्षेत्रीय दलों का मॉडल, अस्थिर सरकारों का दौर, लेकिन आज देश, स्थिरता, सुशासन और संवेदनशीलता वाला भाजपा का विकास मॉडल देख रहा है। बीते वर्षों में जनविश्वास की जो पूंजी हमने अर्जित की है, उस भरोसे को कायम रखना बहुत बड़ी जरूरत है। देश की जनता 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए संकल्पित है। इसलिए बीते 11 वर्षों में हमने जो रिफॉर्म की यात्रा शुरू की है, वह रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुकी है।"

'सामाजिक न्याय को जमीन पर उतारा'

पीएम मोदी ने कहा कि ये भाजपा ही है जिसने सामाजिक न्याय के नारे को सच्चे स्वरूप में जमीन पर उतारा है। हमने गरीब कल्याण की योजनाओं को सरकारी फाइलों से निकालकर गरीब के घर तक पहुंचाया है। आजादी के 70 वर्ष बाद सिर्फ तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों तक ही पाइप से पानी पहुंच पाया था। माताओं बहनों की पीड़ा, पानी के लिए उनके संघर्ष की सुध लेने वाला कोई नहीं था। वो दर्द मैंने देखा है। मैं धरती की सच्चाई से जुड़ा था। माताओं-बहनों की पीड़ा, अपनी आंखों के सामने देखी थी और तब हम 'जल जीवन मिशन' लेकर आए हैं। सिर्फ 5-6 साल में 12 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल की सुविधा से जोड़ा गया है। ये हमारी सरकार है, जिसने धुएं से बीमार होती बहनों की पीड़ा समझी वरना पहले तो LPG गैस को भी अमीरों का सौभाग्य मान लिया गया था।  भाजपा ने पूरी संवेदनशीलता से साथ हर घर को LPG से जोड़ने का अभियान चलाया। ऐसे ही गांव की बहनों को लखपति दीदी बनाने का अभियान है। ये भी इसलिए संभव हो पाया क्योंकि भाजपा बहनों-बेटियों के सपनों के प्रति संवेदनशील है। दशकों तक आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक से जोड़कर देखा गया, लेकिन संवेदनशील भाजपा ने, भाजपा के हमारे संस्कारों ने, समाज के प्रति समान भाव के हमारी परंपरा के कारण हमने आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा को समझा और उनके विकास के लिए PM-जनमन योजना बनाई।

'खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश'

उन्होंने कहा, "हम वो लोग हैं, हमारा वो चरित्र है, हमारे वो संस्कार हैं… खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। ये भाजपा के हर कार्यकर्ता का संस्कार है, भाजपा के हर कार्यकर्ता का जीवनमंत्र है। इसी भाव के साथ बीते 11 वर्षों में हमने अनेक चुनौतियों पर विजय पाई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की दीवार गिराना हो या तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना हो, इनको कभी असंभव माना जाता था, आज ये हकीकत बन चुके हैं। आगे भी हमें हर चुनौती का पूरे सामर्थ्य से सामना करना है। आज देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है। दुनिया के समर्थ देश भी अपने देश में घुसपैठियों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उनको पकड़-पकड़ कर निकाल रहे हैं। दुनिया में कोई अपने देश में घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करता, भारत भी घुसपैठियों को अपने गरीबों, युवाओं के हक लूटने नहीं दे सकता। घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, उनकी पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा ऐसे राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से जनता के सामने बेनकाब करना होगा।"

'अपने पतन की समीक्षा नहीं करती कांग्रेस'

पीएम मोदी ने कहा, "आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं और देश ने कांग्रेस को करीब-करीब 50 प्रतिशत वोट दिया था, लेकिन आज कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस गई है। कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करेंगे और पतन के कारणों पर जाएंगे तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा कर रखा है। और इसलिए बहाने ढूंढते रहते हैं। पतन का सही कारण ढूंढने की हिम्मत तक खो चुके हैं।"

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