तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और सत्ताधारी डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं। कोलाथुर सीट को स्टालिन का अभेद्य किला माना जाता था, जहां से वे लगातार तीन बार (2011, 2016, 2021) जीत चुके हैं। विजय थलपति की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के उम्मीदवार और स्टालिन के पुराने साथी वी.एस. बाबू ने उन्हें पटखनी दी है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में एमके स्टालिन ने AIADMK के आदि राजाराम को हराया था।
वी.एस. बाबू ने इसी साल थामा था TVK का दामन
वीएस बाबू पहले DMK के ही विधायक थे। 2011 के विधानसभा चुनाव में कोलाथुर सीट से एमके स्टालिन के चुनाव के इंचार्ज थे लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और AIADMK में शामिल हो गए। इसके बाद 7 फरवरी 2026 विजय थलपति की पार्टी TVK का दामन थाम लिया था।
लगातार कोलाथुर सीट से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं स्टालिन
तमिलनाडु की राजनीति में एम. के. स्टालिन का नाम दिग्गज नेताओं में शामिल है। वे पांच बार के तमिलनाडु के सीएम रहे एम. करुणानिधि के बेटे हैं। 2018 में एम. करुणानिधि के निधन के बाद उन्होंने DMK का अध्यक्ष पद संभाला। साल 2011 में विल्लिवक्कम का कुछ भाग और पुरासावक्कम विधानसभा को मिलाकर कोलाथुर विधानसभा सीट बनाई गई थी। जब से ये विधानसभा बनी है, तब से यहां के विधायक MK स्टालिन रहे हैं।
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