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VIDEO: इलाज के दौरान शराब न मिलने से मरीज ने मचाया उत्पात, वार्ड में की तोड़फोड़, बांधे गए हाथ- पैर, बुलानी पड़ी पुलिस

इलाज के दौरान शराब न मिलने से मरीज काफी गुस्से में आ गया। वह तोड़फोड़ करने लगा। अस्पताल के बाकी मरीज को वह नुकसान पहुंचा रहा था। अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने उसके हाथ पैर बांध दिए और दूसरे हॉस्पिटल में ले जाया गया।

बांध दिए गए हाथ-पैर- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT बांध दिए गए हाथ-पैर

झारखंड के बोकारो जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इलाज कराने आए मरीज का हांथ पैर बांधकर नंगे बदन जमीन पर लिटाया गया। बेरमो अनुमंडल के कथारा क्षेत्रीय सीसीएल अस्पताल में शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सीसीएल कर्मी ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। 

मरीजों और कर्मियों में भय का माहौ

अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और कर्मियों में भय का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, विमल कुमार सीसीएल कर्मी को 26 मार्च (गुरुवार) 2026 को उसके बेटे और पत्नी लक्ष्मी देवी द्वारा कथारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

दो दिन शराब न मिलने पर खोया आपा

बताया जाता है कि वह काफी कमजोर स्थिति में था। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, विमल बाउरी को शराब की लत है और भर्ती होने के बाद दो दिनों तक शराब नहीं मिलने के कारण उसने अपना आपा खो दिया। शुक्रवार रात उसने अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया, यहां तक कि वह छत पर चढ़ गया और तोड़फोड़ भी की। 

बांध दिए गए हाथ पैर

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीसीएल सुरक्षा कर्मियों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और इस घटना की सूचना तत्काल बोकारो थर्मल थाना को दी गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। 

मरीज को दूसरे अस्पताल में किया गया रेफर

शनिवार को कथारा क्षेत्रीय अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर एम.एन. राम ने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए शनिवार सुबह करीब 7 बजे उसे बोकारो के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। वहीं, अस्पताल प्रबंधन इसपर कुछ भी बोलने से बचते रहे।

रिपोर्ट- मृत्युंजय मिश्रा