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Hindi News झारखण्ड बड़ी खबर! झारखंड के धनबाद में पकड़ा गया आतंकी, ATS के हाथ लगे कई संदिग्ध दस्तावेज

बड़ी खबर! झारखंड के धनबाद में पकड़ा गया आतंकी, ATS के हाथ लगे कई संदिग्ध दस्तावेज

झारखंड के धनबाद जिले में एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन से कथित तौर पर जुड़े एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : ANI सांकेतिक तस्वीर

धनबादः झारखंड एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर के संदिग्ध आतंकी अम्मार याशर को धनबाद से गिरफ्तार किया है। अम्मार याशर के पास से एटीएस ने कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किया है। जानकारी के अनुसार, धनबाद के भूली ओपी अंतर्गत शमशेर नगर इलाके से अम्मार याशर को पकड़ा गया है। अम्मार याशर आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़ा बताया जा रहा है। हिज्ब-उत-तहरीर के सदस्य अम्मार याशर ने पूछताछ में एटीएस के सामने कई खुलासे किए हैं। 

इससे पहले चार संदिग्ध आतंकी हुए थे गिरफ्तार

राज्य के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 26 अप्रैल को इसी जिले से कई आतंकवादी संगठनों से कथित तौर पर जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने बुधवार को भूली इलाके के शमशेर नगर इलाके से 33 वर्षीय अम्मार याशर को उठाया। संदेह है कि वह हिज्ब उत-तहरीर (एचयूटी) से जुड़ा है, जोकि भारत समेत कई देशों में प्रतिबंधित है। 26 अप्रैल को धनबाद में छापेमारी के बाद अयान (21) के साथ गुलफाम हसन (21), मोहम्मद शहजाद आलम (20) और शबनम प्रवीण (20) को गिरफ्तार किया गया। झारखंड एटीएस को सूचना मिली थी कि एचयूटी अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस), आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़े कुछ लोग युवाओं की भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं।

पूछताछ में याशर ने किया बड़ा खुलासा

एटीएस ने एक बयान जारी कर यह भी कहा कि उसने याशर का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। एटीएस ने कहा कि याशर ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह पहले प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़ा था, जिसके लिए उसे 2014 में जोधपुर में गिरफ्तार किया गया था और जेल भेज दिया गया था। बयान में कहा गया है कि करीब 10 साल जेल में बिताने के बाद, उसे मई 2024 में जमानत पर रिहा किया गया। इसके बाद वह धनबाद में अयान जावेद और कई अन्य आरोपी व्यक्तियों के संपर्क में आया और प्रतिबंधित संगठन एचयूटी (हिज्ब उत-तहरीर) से जुड़ गया।

रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा, धनबाद