झारखंड नगर पालिका चुनावों का ऐलान, जानिए कब होगी वोटिंग और कब आएंगे नतीजे?
झारखंड में नगर पालिका चुनावों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा कर दी गई है। नगर पालिका के लिए चुनाव फरवरी महीने में होंगे।

रांची: झारखंड नगर पालिका चुनावों का ऐलान राज्य चुनाव आयोग ने कर दिया है। झारखंड की चुनाव आयुक्त अलका तिवारी ने चुनाव तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि सभी नगर पालिकाओं में 23 फरवरी को वोटिंग होगी और वोटों की गिनती 27 फरवरी को होगी।
उन्होंने बताया कि नॉमिनेशन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक भरे जाएंगे। नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख 6 फरवरी है। NOTA (इनमें से कोई नहीं) का कोई प्रावधान नहीं है। सभी 48 नगर पालिका क्षेत्रों में आज से आचार संहिता लागू हो जाएगी। चुनाव बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से कराए जाएंगे।
आदर्श आचार संहिता लागू
राज्य चुनाव आयोग की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राज्य की सभी नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए एक साथ चुनाव कराए जाएंगे। नगर पालिका चुनावों के ऐलान के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
रांची के मेयर का पद एसटी के लिए रिजर्व
राज्य चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि नगर निकायों के चुनाव 9 जनवरी को जारी की गई आरक्षण सूची के आधार पर ही होंगे। इस बार रांची नगर निगम में मेयर का पद एसटी के लिए रिजर्व किया गया है। वहीं धनबाद और चास नगर निगम के मेयर पद को सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है।
बता दें कि राज्य के कुल 48 नगरपालिकाओं में 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद् और 19 नगर पंचायतों के कुल 1087 वार्डों में वार्ड पार्षदों के साथ ही सभी नगरपालिकाओं के महापौर/नगर अध्यक्ष का चुनाव होना है। उपमहापौर/नगर उपाध्यक्ष का पद अनारक्षित है जिस पर अप्रत्यक्ष निर्वाचन होगा।
ईवीएम नहीं बैलेट बॉक्स का होगा इस्तेमाल
नगर निकाय चुनावों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के जरिए चुनाव कराए जाएंगे। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पर्याप्त संख्या में बैलेट बॉक्स उपलब्ध कराया जा चुका है। साथ ही इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं कि मतदान कर्मियों और मतगणना कर्मियों को उचित ट्रेनिंग दे दी जाए।
नगर निकाय चुनावों के लिए मतदान केंद्रों की कुल संख्या 4303 है जो कुल 2129 भवनों में अवस्थित है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि हर मतदान केंद्र में जरूरी सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, दिव्यांग वोटर्स के लिए रैम्प, आदि के इंतजाम किए जाएं।