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Hindi News झारखण्ड 13 साल बाद अपने घर लौटा लापता लड़का, ट्रेन में बैठकर पहुंच गया था केरल, फिल्मी है कहानी

13 साल बाद अपने घर लौटा लापता लड़का, ट्रेन में बैठकर पहुंच गया था केरल, फिल्मी है कहानी

राजा गोप 6 साल की उम्र में ट्रेन से भटककर केरल पहुंच गया था। 13 साल बाद 19 साल का राजा अपने परिवार से दोबारा मिला तो पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। एनजीओ और चाइल्ड वेलफेयर टीम की मदद से गांव का पता चला था।

missing boy reunited after 13 years India, Chaibasa missing child case, Jharkhand Kerala reunion sto- India TV Hindi Image Source : PEXELS REPRESENTATIONAL 6 साल की उम्र में ट्रेन में बैठकर केरल पहुंच गया था राजा गोप।

चाईबासा: एक छोटे से बच्चे के रूप में राजा गोप ने गलती से केरल की ट्रेन पकड़ ली थी। अब 19 साल की उम्र में वह अपने परिवार से दोबारा मिल पाया है। 13 साल बाद हुई यह मुलाकात पूरे हरिमारा गांव में जश्न की वजह बन गई। राजा गोप अब केरल में एक फुटबॉल क्लब के लिए खेलता है, और वह सिर्फ मलयालम और हिंदी बोलता है। अपनी मातृभाषा को वह पूरी तरह भूल चुका है। राजा गोप मात्र 6 साल की उम्र में अपने पिता के साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में ईंट भट्ठे पर काम करने गया था। वहीं भीड़ में वह बिछड़ गया और गलती से केरल जाने वाली ट्रेन में चढ़ गया।

'राजा को सिर्फ मां-बाप के नाम याद थे'

ट्रेन उसे एर्नाकुलम ले गई जहां स्थानीय एक्टिविस्ट्स ने उसे बचाया और शेल्टर होम में रखा। उस समय राजा को सिर्फ मां-बाप के नाम याद थे और बस इतना पता था कि वह चाईबासा से है, लेकिन गांव का नाम नहीं बता पाया। इस साल फरवरी में राजा को केरल चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के स्किल डेवलपमेंट और रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के तहत कन्नूर भेजा गया। वहां स्थानीय एक्टिविस्ट्स ने एनजीओ ‘रेलवे चिल्ड्रेन’ से संपर्क किया। राजा का वीडियो चाईबासा में घुमाया गया। इसी से उसका गांव ढूंढ निकाला गया।

'मैं चाहती हूं कि वह हमारे साथ रहे'

मंगलवार को सोनुआ इलाके के हरिमारा गांव में राजा का भव्य स्वागत हुआ। स्कूल के बच्चों ने ढोल-नगाड़े बजाते हुए जुलूस निकाला। महिलाओं ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य किया। राजा ने अपनी रोती हुई मां और 4 बहनों को गले से लगा लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पूरे गांव ने राजा का स्वागत किया।' मां मानी गोप ने भावुक होकर कहा,'मैं चाहती हूं कि वह हमारे साथ रहे। लेकिन मुझे पता है कि वह केरल में फुटबॉल खेलता है और अपनी पढ़ाई पूरी करनी है। मैं उसे नहीं रोकूंगी। कम से कम हम जानते हैं कि वह जीवित है और अच्छा कर रहा है।'

'मैं अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश हूं'

राजा गोप ने इस मौके पर कहा, 'मैं अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश हूं। मैं अपनी मां और बहनों का साथ दूंगा। अच्छी नौकरी लगने के बाद उन्हें केरल ले जाने की कोशिश करूंगा।' इस पूरे मामले में झारखंड और केरल की सरकारों के कई विभागों ने साथ मिलकर काम किया। सोनुआ पुलिस स्टेशन के अधिकारी-इंचार्ज शशि बाला भेंगरा ने बताया, 'सब दस्तावेज तैयार करने में समय लगा। झारखंड की टीम केरल गई थी। कन्नूर आफ्टरकेयर सेंटर की सलाह पर हमने मां का हलफनामा भी साथ लिया था, क्योंकि राजा के पिता 4 साल पहले गुजर गए थे।' अब राजा अपने परिवार के साथ कुछ दिन बिताएगा।