झारखंड की राजनीति और अपराध की दुनिया में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। धनबाद के सांसद पर वासेपुर के कुख्यात डॉन प्रिंस खान के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ाव के गंभीर आरोप लगे हैं, जो पाकिस्तान या दुबई में छिपे हैं। झारखंड पुलिस फोन रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट्स के आधार पर जांच तेज कर रही है।
सफेदपोश नेताओं का रंगदारी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि सांसद जैसे बड़े नेता अपने राजनीतिक या व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों के नंबर प्रिंस खान को देते हैं। खान के गुर्गे धमकी देकर रंगदारी वसूलते हैं और हिस्सा इन नेताओं को मिलता है। बोकारो-बालीडीह के 18 हजार करोड़ के बीएमडब्ल्यू प्रोजेक्ट पर भी ऐसी धमकी मिली। एसएसपी प्रभात कुमार ने पुष्टि की कि कई नेता-व्यापारी खान के 'मधुर संबंधों' में हैं।
पुलिस के हाथ लगे पुख्ता सबूत
पलामू के कुबेर के फोन से मिले गुप्त नंबरों से खान केवल सफेदपोशों से बात करता था। इनमें सांसद के करीबियों के नाम हैं। खान पर 91 से ज्यादा केस दर्ज हैं, जिसमें हत्या-हरि शामिल। इंटरपोल नोटिस जारी है। धनबाद पुलिस ने उसके कई गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक बवाल और वायरल ऑडियो
जमशेदपुर विधायक सरयू राय ने पिछले लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग को शिकायत की थी कि दबंग ढुल्लु महतो प्रिंस का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में प्रिंस खान अपने 'मित्र' का बचाव करता नजर आता है। डुमरी विधायक जयराम महतो और बाबूलाल मरांडी ने एनआईए जांच की मांग की।
कुंदन सिंह की रिपोर्ट