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Hindi News झारखण्ड 17 लाख रुपये बैंक अकाउंट में आया और निकल भी गया, खाताधारक को नहीं चला पता, जानें पूरा मामला

17 लाख रुपये बैंक अकाउंट में आया और निकल भी गया, खाताधारक को नहीं चला पता, जानें पूरा मामला

बोकारो में एक बैंक खाते से 17 लाख रुपये का लेन-देन हुआ लेकिन खाताधारक को ही नहीं पता चला। बैंक ने अकाउंट ही फ्रीज कर दिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

बोकारो साइबर थाना- India TV Hindi Image Source : REPORTER बोकारो साइबर थाना

बोकारो में एक बैंक खाते से17 लाख का ट्रांसेक्शन किया गया लेकिन खाताधारक को पता तक नहीं चला। खाताधारक को नहीं पता इतनी बड़ी रकम को कौन उनके खाते में ट्रांजिक्शन किया। मामला सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के बारी कॉपरेटिव स्थित एक फर्म का है, जहां प्रोपराइटर जूली कुमारी के बैंक एकाउंट से 17 लाख का ट्रांजिक्शन हो गया। खाता में पैसा आया और निकल भी गया। इतनी बड़ी रकम खाते में कहां से आया और कहां गया खाताधारक को नहीं पता। इतनी बड़ी राशि का ट्रांसेक्शन होना खाताधारक के माथे पर बल ला दिया है।

अकाउंट फ्रीज होने पर खाताधारक को चला पता

खाताधारक जूली कुमारी के पति शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हमे तब पता चला जब बैंक खाता को बैंक के द्वारा फ्रिज कर दिया गया। जहां बैंक जाने के बाद बैंक मैनेजर के द्वारा जानकारी दी गई कि आपके खाता से दो से तीन महीने के अंदर 17 लाख का ट्रांजिक्शन हुआ है। घटना बोकारो के सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के बारी कॉपरेटिव का है।

 इतनी बड़ी राशि का लेनदेन होने के बाद बैंक ने खाता को फ्रिज कर दिया। पीड़ित को जानकारी तब मिली जब घरेलू खर्च को लेकर बैंक से पैसे की निकासी करने गया। जहां खाता फ्रिज होने की जानकारी पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारी के द्वारा दिया गया। वहीं पीड़ित इस घटना के बाद साइबर ट्रांजिक्शन का अंदेशा को देखते हुए शिकायत लेकर साइबर थाना पहुंचा। 

पीड़िता के परिवार ने कही ये बात

पीड़िता के पति शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हम बारी कॉपरेटिव कॉलोनी में एक दुकान अभी खोले है जिसमें एजेंसी का साबुन सहित अन्य सामान का एजेंसी लिए है। पीड़ित के पति ने कहा कि मां किडनी का मरीज है, जहां मां को देखने को लेकर कुछ दिनों से व्यस्त थे। ऐसे में बैंक आना जाना नहीं हो सका था। बैंक गए तो पता चला कि आपका खाता फ्रिज हो गया है। इसमें 17 लाख का ट्रांजिक्शन हुआ है। ऐसे में लिखकर देने के बाद ही बैंक का खाता को चालू किया जा सकेगा। 

उन्होंने कहा कि बैंक में मेरा 8 लाख का फिक्स डिपॉजिट किया हुआ है। जिसका ओडी किया हुआ है, जहां कुछ कुछ पैसे आता है। इससे दुकानदारी के साथ घर का खर्च का काम चलता है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम का ट्रांजिक्शन होना, हमको पता नहीं किसने किया है और पैसा कहां से आया और कहां चला गया। ऐसे में पूरे मामले की पुलिस जांच करे और दोषी पर कारवाई करे। वहीं बोकारो के साइबर थाना पुलिस की मानें तो पूरा मामला जांच का विषय है और जांच के बाद ही पूरे मामले का पता चल पाएगा।

रिपोर्ट- मृत्युंजय मिश्रा, बोकारो