A
  1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फीचर
  4. Women's Day Special: पुश्तैनी संपत्ति को लेकर महिलाओं के पास क्या अधिकार है? जानिए

Women's Day Special: पुश्तैनी संपत्ति को लेकर महिलाओं के पास क्या अधिकार है? जानिए

8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। क्या आप जानते हैं कि पुश्तैनी संपत्ति को लेकर महिलाओं के पास क्या अधिकार है?

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

देश-दुनिया की हर एक महिला को उसके अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अधिकारों की जानकारी की कमी की वजह से महिलाओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको पुश्तैनी संपत्ति को लेकर महिलाओं के अधिकार के बारे में बताएंगे। इसके साथ-साथ आपको हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

क्या कहता है हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम?

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पुश्तैनी संपत्ति पर महिला और पुरुष दोनों का बराबर हक है। आपको बता दें कि भारत में एक महिला को संपत्ति अर्जित करने, उसे रखने और उसका निपटान करने का समान अधिकार है। संपत्ति चाहे विरासत में मिली हो या फिर खुद अर्जित की गई हो। इसे आसान भाषा में समझने की कोशिश की जाए तो इसका सीधा-सीधा मतलब ये है कि पुश्तैनी संपत्ति पर जितना हक बेटे का है, उतना ही हक बेटी का भी है। 

2005 में किया गया था संशोधित

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 को 2005 में संशोधित किया गया था। संशोधन के बाद इस अधिनियम के तहत बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार है। 2005 में हुए इस संशोधन ने महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने का काम किया।

जरूरी है समानता का मतलब समझना

इस तरह के अधिकारों की वजह से ही महिलाएं बेझिझक पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को आगे बढ़ाने में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम ने एक जरूरी भूमिका निभाई है। पुश्तैनी संपत्ति पर बराबरी का हक मिलने से समाज में रहने वाले लोगों को भी समानता का मतलब समझ आया है। हालांकि, इस तरह के अधिकारों की जानकारी की कमी, महिलाओं की समस्याओं को बढ़ाने का काम कर सकती हैं।

 

Latest Lifestyle News