हेल्थ डेस्क: ब्रेस्ट कैंसर वाली रजोनिवृत्त महिलाओं में हृदय रोग का अधिक खतरा होता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है। वर्जीनिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर जोआन पिंकर्टन ने कहा, "कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और एरोमाटेज इनहिबिटर्स के उपयोग (जो एस्ट्रोजन को कम करते हैं) की वजह से ब्रेस्ट कैंसर के लिए उपचारित महिलाओं में दिल की बीमारी अधिक देखी जाती है।"
हृदय जोखिम विकिरण के संपर्क में आने के पांच साल बाद यह रोग हो सकता है और इसका जोखिम 30 साल तक बना रहता है।
पिंकर्टन ने कहा, "हृदय-स्वस्थ जीवन शैली में संशोधन से आवर्ती ब्रेस्ट कैंसर और हृदय रोग के विकास के जोखिम दोनों में कमी आएगी।"
ब्रेस्ट कैंसर से बची हुई महिलाओं और जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर है, उन रजोनिवृत्ति महिलाओं में हृदय रोग के लिए जोखिम कारकों की तुलना और मूल्यांकन करना अध्ययन का लक्ष्य था।
45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा
रिसर्च में 228 महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें से 96 महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका था, जबकि 192 महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ थीं और उन्हें कभी किसी भी तरह का ब्रेस्ट कैंसर नहीं था। ये सभी महिलाएं 45 साल या इससे बड़ी उम्र की थीं, जिनका मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) हो चुका था। रिसर्च में पाया गया कि जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, उनमें से किसी को भी दिल की बीमारी नहीं हुई जबकि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करवा चुकी महिलाओं में कई में कार्डियोवस्कुलर बीमारियां पाई गईं।
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