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58 साल बाद धनतेरस और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग, होगी धनवर्षा

नई दिल्ली: दीपावली का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला हिंदू धर्म का सबसे बड़ा पर्व होता है। दशहरे के बाद से ही घरों में दीपावली की तैयारियां शुरू हो जाती है, जो व्यापक स्तर

ज्योतिषाचार्यो की माने तो इस सयोंग में किसी चीज की खरीददारी करना शुभ है, लेकिन इस संयोग में स्टील की कोई भी चीज न खरीदें। यह आपके लिए अशुभ साबित होगी।

कार्तिक मास कृष्णपक्ष त्रयोदशी  के दिन दोनों संयोग पडने के कारण इस दिन यम दीपदान करना भी आपको अकाल मृत्यु का डर दूर हो जाएगा। धनतेरस के दिन यमराज और धन्वन्तरि का पूजन किया जाता है। प्रदोष काल में यमदीप दान करें।

दीपक में दो बत्तियां कुछ यूं रखें कि दीपक के बाहर चार बत्तियां दिखाई दें। तिल के तेल और दोनों से दीपक को भर दें। दीपक का पूजन रोली, पुष्प और अक्षत से करें। दीपक को घर के मेन गेट के बाहर गेहूं से ढेरी बनाकर उसके ऊपर रखें। जलते दीपक को दक्षिण दिशा से देखते हुए यम मंत्र पढ़ कर चारों दिशाओं की परिक्रमा करें। ऐसा करने से आपके घर में खुशियों आएगी। जिससे आपके जीवन से हर परेशानी हट जाएगी।

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