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Saraswati puja 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें सरस्वती पूजा, जानें मंत्र और पूरी पूजा विधि

बसंत पचंमी को वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है और इसे हर साल हिंदू शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन कई मायनों में खास है क्योंकि इस दिन मां सरस्वती वंदना की जाती है।

India TV Lifestyle Desk
India TV Lifestyle Desk 10 Feb 2019, 8:04:20 IST

नई दिल्ली: बसंत पचंमी को वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है और इसे हर साल हिंदू शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन कई मायनों में खास है क्योंकि इस दिन मां सरस्वती वंदना की जाती है। और यह भारत के बंगाल और उत्तर भारत जैसे राज्यों में मनाया जाता है। जैसा कि आप सभी जानते है हमेशा से मां सरस्वती को शिक्षा, संगीत और कला की जननी माना गया है। हर साल की तरह इस साल भी बसंत पंचमी और मां सरस्वती पूजा 10 फरवरी को मनाया जाएगा।

आज वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। वसंत पंचमी शनिवार 9 फरवरी को दिन में 8 बजकर 55 मिनट से पंचमी लग रही है, जो रविवार 10 फरवरी को दिन में 9 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि ग्राह्य होने से 10 फरवरी को ही वसंत पंचमी मनाई जाएगी।

इस दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष दिन माना जाता है और मां सरस्वती ही बुद्धि और विद्या की देवी हैं। मान्यता है कि जिस छात्र पर मां सरस्वती की कृपा हो उसकी बुद्धि बाकी छात्रों से अलग और बहुत ही प्रखर होती है। 

सरस्वती पूजा विधि और मंत्र 

मां सरस्वती की प्रतिमा अथवा तस्वीर को सामने रखकर उनके सामने धूप-दीप, अगरबत्ती, गुगुल जलाएं जिससे वातावरण में सकारात्मक उर्जा का संचार हो और आसपास से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाएगी। 

प्रात:काल स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें। मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात क्लश स्थापित कर भगवान गणेश और नवग्रह की विधिवत पूजा करें। फिर मां सरस्वती की पूजा करें। मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन और स्नान कराएं। फिर माता का श्रृंगार कराएं। माता श्वेत वस्त्र धारण करती हैं इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं। प्रसाद के रुप में खीर अथवा दूध से बनी मिठाईयां अर्पित करें। श्वेत फूल माता को अर्पण करें।

कुछ क्षेत्रों में देवी की पूजा कर प्रतिमा को विसर्जित भी किया जाता है। विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम और पुस्तकों का दान करें। संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगा कर मां की आराधना करें व मां को बांसुरी भेंट करें।

इस मंत्र से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती 
''एमम्बितमें नदीतमे देवीतमे सरस्वति! अप्रशस्ता इव स्मसि प्रशस्तिमम्ब नस्कृधि! ''
अर्थात - मातृगणो में श्रेष्ठ, देवियों में श्रेष्ठ हे ! मां सरस्वती हमें प्रशस्ति यानी ज्ञान, धन व संपति प्रदान करें।

यदि पूर्व में दिए मंत्र को पढ़ने में परेशानी हो तो इस सरल मंत्र को पढ़कर मां सरस्वती को प्रसन्न कर ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥

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