धर्म डेस्क: हिंदू पुराणों में इस बारें में अधिक गहराई से बताया गया है कि कार्तिक मास में व्यक्ति के लिए अच्छी सेहत, उन्नति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए होता है। कार्तिक मास का नाम शास्त्रों में दामोदर मास नाम से भी मिलता है। इस बार कार्तिक मास 17 अक्टूबर से शुरू होकर 14 नवंबर तक है। इस दिनों का जप, तप करने का बहुत अधिक महत्व है। इस दिनों सही ढंग से पूजा-पाठ करने से शुभ फल मिलते है। साथ ही आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।
इस मास में विधि विधान से काम करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन दिनों में कुछ ऐसे काम है जो नही करने चाहिए। जानिए ऐसे कामों के बारें में जो इस मास में करने चाहिए और कौन से काम न करने चाहिए।
पुराणों में इन 7 कामों को माना जाता है जिसका विधि विधान से करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
दीपदान
कार्तिक मास में पहले 15 दिन की रातें साल की सबसे काली रातें होती है। इसलिए इस अंधकार को हटाने के लिए दीपदान बहुत ही जरुरी है। इस मास में आप दीपदान नदी, पोखर या फिर तालाब में कर सकते है। इससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। साथ ही आापको मोक्ष की प्राप्ति होगी।
तुलसी पूजा
इस मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। भगवान श्री हरि ने तुलसी के हदय में शालिग्राम रूप में निवास किया करते है। इसलइए सह बहुत ही फलदायी है। तुलसी का पूजन वैसे तो हर मास में फलदायी है, लेकिन इस मास में पूजा करने से यह फल कई गुना बढ़ जाता है।
भूमि शयन
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि इस मास में भूमि में सोना चाहिए। ऐसा करने से आपके मन में सात्विकता का भाव आएगा। साथ ही आपके अंदर के अन्य विकार भी खत्म हो जाएगें। साथ ही यह आपको विलासिता से दूर करता है।
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