A
Hindi News लाइफस्टाइल सैर-सपाटा इस किले में दबे है सोने के ईंट, ढूंढ़ने के लिए लगती है भीड़

इस किले में दबे है सोने के ईंट, ढूंढ़ने के लिए लगती है भीड़

मदन महल किला। जो कि किसी राजा ने 11वीं शताब्दी में अपनी शानों शौकत के लिए, लेकिन युद्ध और हमलों के कारण इसका इस्तेमाल सेनाएं एक वॉच टावर के रूप में करने लगी। जानिए इस महल के बारें में रोचक तथ्य...

madan mahal fort

सोने की ईंट की सच्चाई
इस बारें में इतिहासकार राजकुमार गु्ता ने अपनी किताब में इस बात का उल्लेख किया है। जिसमें बताया गया है कि विशाल चट्टान के नीचे बने मदनमहल के किले के नीचे सोने के दो ईंट दबी हुई है। असल में यह कहानी "मदन महल की छांव में, दो टोंगों के बीच। जमा गड़ी नौं लाख की, दो सोने की ईंट।" कहावत के कारण फेमस होने की बात बताई जाती है। जिसके कारण भारी मात्रा में लोग यहां आते है। इस समय इस महल को पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में ले लिया है।

मिली थी गुप्त लंबी सुरंग
मदन महल किले के बारे में कहा जाता है कि यहां एक गुप्त और लंबी सुरंग मिली थी। जिसे अब बंद कर दिया गया है। कहा जाता है कि ये सुरंग मंडला जाकर खुलती थी। इस सुरंग के रास्ते रानी दुर्गावती मंडला से इस किले तक आती थीं। वहीं किले का एक रास्ता यहां से पास शारदा मंदिर तक जाता है। कहा जाता है कि रानी दुर्गावती इस मंदिर में पूजा करती थी।

Latest Lifestyle News