A
Hindi News लाइफस्टाइल सैर-सपाटा पहली बार जा रहे हैं प्रेमानंद महाराज के आश्रम? जानें कब-कहां और कैसे मिलेगा दर्शन, नोट कर लें सारी जानकारी

पहली बार जा रहे हैं प्रेमानंद महाराज के आश्रम? जानें कब-कहां और कैसे मिलेगा दर्शन, नोट कर लें सारी जानकारी

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन का अनुभव बेहद दिव्य और शांतिपूर्ण होता है, लेकिन पहली बार जाने वालों के लिए समय, मार्ग और नियम जानना बहुत आवश्यक है।

प्रेमानंद महाराज- India TV Hindi Image Source : IMAGE SOURCE : BHAJAN MARG VIDEO प्रेमानंद महाराज

अगर आप पहली बार वृंद्वावन की यात्रा पर जा रहे हैं और इसी दौरान प्रेमानंद महाराज के दर्शन भी करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है। प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए यात्रा का सही मार्ग, समय और प्रक्रियाओं की जानकारी होना बेहद ज़रूरी है। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के कारण अब आश्रम में दर्शन और मुलाक़ात दोनों के लिए कुछ नियम और व्यवस्थाएँ तय की गई हैं। ऐसे में चलिए हम आपको बताते हैं कि आप प्रेमानंद महाराज के दर्शन कैसे कर सकते हैं?

आश्रम का स्थान कहाँ है?

प्रेमानंद महाराज का आश्रम श्री हित राधा केली कुंज, वृंदावन (मथुरा, उत्तर प्रदेश) में स्थित है। यह परिक्रमा मार्ग पर है, और नज़दीक में वराहा घाट पड़ता है। अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं तो सबसे नज़दीकी स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जो आश्रम से लगभग 10–12 किलोमीटर दूर है। वहीं हवाई मार्ग से आने वालों के लिए दिल्ली और आगरा सबसे पास पड़ते हैं।

कैसे पहुँचें आश्रम?

अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं तो मथुरा जंक्शन से ऑटो, टैक्सी या ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं। अगर आप बाय रोड आ रहे यहीं तो दिल्ली–आगरा हाईवे से वृंदावन की ओर मुड़कर सीधे परिक्रमा मार्ग की ओर पहुँच सकते हैं। वृंदावन में रूटेड ई-रिक्शा लगातार चलते रहते हैं, जो सीधे आश्रम तक ले जाते हैं। अगर आप सुबह के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो कम से कम 1 घंटे पहले निकलें, क्योंकि भीड़ के चलते सड़कें धीमी हो सकती हैं।

दर्शन कब और कैसे होते हैं?

आश्रम में प्रतिदिन हजारों भक्त पहुँचते हैं, इसलिए समय और शांति दोनों का पालन ज़रूरी है। आम तौर पर सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। शाम में भी आरती व वाणी पठन आयोजित होते हैं, पर भीड़ सुबह की तुलना में अधिक होती है।

  • सुबह प्रवेश: लगभग 7:30 बजे

  • दर्शन शुरू: 8:00 बजे

  • श्रृंगार आरती वाणी पठन: 8:15–9:15 बजे

महाराज से मुलाक़ात कैसे होगी?

यहां, महाराज से एकांत वार्तालाप  या व्यक्तिगत मुलाक़ात के लिए टोकन सिस्टम लागू है। टोकन वितरण सुबह लगभग 9:00–9:30 बजे के बीच किया जाता है। एकांत वार्तालाप के दौरान आप आधार कार्ड ज़रूर अपने साथ रखें। टोकन की वैधता आमतौर पर अगले दिन के वार्तालाप तक होता है। ध्यान रहे, टोकन सीमित संख्या में दिए जाते हैं, इसलिए जल्दी पहुँचकर लाइन में लगना हमेशा बेहतर होता है।

आश्रम में जाते समय बरतें ये सावधानियाँ

आश्रम में जाते समय साधारण और सादगीपूर्ण कपड़े पहने। दर्शन के दौरान मोबाइल का उपयोग न करें। आश्रम का वातावरण पूरी तरह शांत और आध्यात्मिक है इसलिए शोर शराबा न करें।  किसी भी फ्रॉड कॉल, व्हाट्सएप संदेश या फर्जी बुकिंग पर भरोसा न करें। आश्रम किसी तरह की ऑनलाइन टिकट या भुगतान नहीं लेता।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।

Latest Lifestyle News