A
  1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. सैर-सपाटा
  4. दिल्ली से सिर्फ ढाई सौ किलोमीटर दूर है बादलों का देश, देवदार के पेड़ों से घिरी है ये जगह, मई की गर्मी में बना लें घूमने का प्लान

दिल्ली से सिर्फ ढाई सौ किलोमीटर दूर है बादलों का देश, देवदार के पेड़ों से घिरी है ये जगह, मई की गर्मी में बना लें घूमने का प्लान

अगर आप भी दिल्ली की गर्मी और उमस से परेशान हैं तो इस खूबसूरत और नैसर्गिक जगह पर जाने का प्लान कर सकते हैं। दिल्ली से इस हिल स्टेशन की दूरी महज 250 किलो मीटर है।

लैंसडाउन - India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH लैंसडाउन

अगर, आप भी दिल्ली की गर्मी से परेशान हो गए हैं और किसी ऐसी जगह घूमने की योजना बना रहे हैं जहां ठंड के साथ खूबसूरत बादल भी देखने को मिले तो आप उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लैंसडाउन जाने का प्लान कर सकते हैं। दिल्ली से लैंसडाउन की दूरी महज ढाई सौ किलो मीटर है। यानी आप लगभग पांच से छह घंटे में यहां पहुंच सकते हैं। चलिए जानते हैं लैंसडाउन कैसे पहुंचे और यहां किन किन जगहों पर घूम सकते हैं।

लैंसडाउन को क्यों कहते हैं बादलों का देश?

लैंसडाउन को बादलों का देश इसलिए कहते हैं कि क्योंकि इसका मूल नाम 'कालौं का डांडा' था, जिसका गढ़वाली भाषा में अर्थ है 'काले बादलों से घिरा पहाड़'। यह नाम ही दिखाता है कि यह जगह बादलों के लिए कितनी प्रसिद्ध रही है। लैंसडाउन लगभग 1,700 मीटर (5,686 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई के कारण यहां बादल अक्सर पहाड़ों के सामने तैरते हुए दिखाई देते हैं। साथ ही यह जगह देवदार के घने पेड़ों से घिरा हुआ है। ऊँचे पेड़ों और वादियों में कोहरा और बादल हमेशा छाए रहते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि आप बादलों के बीच चल रहे हैं। खासकर, बरसात के मौसम में, यहां बादल पहाड़ियों के चारों ओर लिपट जाते हैं, जिससे दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है।

लैंसडाउन में कहाँ घूम सकते हैं?

  • भुल्ला ताल: भुल्ला ताल उत्तराखंड के लैंसडाउन में स्थित एक मानव-निर्मित झील है, जिसका रखरखाव गढ़वाल राइफल्स द्वारा किया जाता है जहाँ बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है।

  • टिप-इन-टॉप: टिप-इन-टॉप से हिमालय की चोटियों और घाटियों के मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं, जो एक बेहतरीन फोटो पॉइंट है।

  • सेंट जॉन्स चर्च: सेंट जॉन चर्च लैंसडाउन में स्थित एक चर्च है। 1936 में स्थापित, सेंट जॉन चर्च मॉल रोड पर सेंट मैरी चर्च के रास्ते के बीच में स्थित है।

  • ताड़केश्वर महादेव: ताड़केश्वर महादेव का मंदिर लैंसडाउन से लगभग 36-38 किमी दूर घने देवदार और चीड़ के जंगलों के बीच 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह अत्यंत शांत और सुंदर स्थान है, जो महादेव को समर्पित है।

दिल्ली से लैंसडाउन कैसे पहुंचे? 

  • बाय रोड: दिल्ली से लैंसडाउन आप प्राइवेट या अपनी कार से जा सकते हैं। यहां तक पहुंचने में करीब 6 घंटे का समय लगता है। आप दिल्ली से मेरठ, नजीबाबाद और कोटद्वार होते हुए लैंसडाउन पहुंच सकते हैं।

  • ट्रेन से: अगर आप आरामदायक और बजट फ्रेंडली सफर चाहते हैं, तो ट्रेन भी अच्छा विकल्प है। आप दिल्ली से कोटद्वार के लिए सीधी ट्रेन ले सकते हैं। कोटद्वार पहुंचने के बाद आपको टैक्सी या शेयर कैब आसानी से मिल जाएगी, जिससे आप करीब 1।5 से 2 घंटे में लैंसडाउन पहुंच सकते हैं।

Latest Lifestyle News