A
Hindi News मध्य-प्रदेश 'तुम काहे के कलेक्टर हो' कहने वाले इंदौर के दिनेश की चीख का सीधे CM ने लिया संज्ञान, एक झटके में हो गए तीनों काम

'तुम काहे के कलेक्टर हो' कहने वाले इंदौर के दिनेश की चीख का सीधे CM ने लिया संज्ञान, एक झटके में हो गए तीनों काम

Dinesh Prajapat Indore: इंदौर वाले दिनेश प्रजापत की चीख एमपी के सीएम मोहन यादव तक पहुंच गई है। उन्होंने संज्ञान लेकर दिनेश की मां की पेंशन का मामला सुलझवा दिया है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद दी है।

indore dinesh prajapat- India TV Hindi Image Source : @DRMOHANYADAV51-X/PTI इंदौर वाले दिनेश प्रजापत का काम सीएम मोहन ने संज्ञान लेकर करा दिया है।

Indore Dinesh Prajapat: इंदौर के दिनेश प्रजापत का काम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए करा दिया है। हाल ही में दिनेश प्रजापत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपनी मां के साथ कलेक्टर ऑफिस में मौजूद नजर आ रहे थे। वह नाराज होकर चिल्लाते दिख रहे थे कि तुम काहे के कलेक्टर हो, जब काम नहीं करा सकते। वायरल वीडियो में गुस्साए दिनेश ने ये भी बताया था कि उनकी मां आंखों से देख नहीं सकती है। फिर भी उन लोगों को बार-बार चक्कर लगवाए जा रहे हैं। लेकिन अब खुद सीएम मोहन यादव ने दिनेश प्रजापत के 3 काम कराने की जानकारी दी है।

मां की पेंशन-इलाज और SIR वाला काम हुआ पूरा

CM मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए‌ दिनेश प्रजापत और उनकी माता रामप्यारी बाई की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया है। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई और अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई है। परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही BLO की तरफ से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।'

दिनेश प्रजापत की मां का इलाज हुआ शुरू

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जिसमें दिनेश प्रजापत खुद कहते दिख रहे हैं कि मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं। वे मेरी माता का पूरा इलाज करवा रहे हैं। साथ ही, सालभर से जो पेंशन रुकी हुई थी वो भी मेरी मां को दिलवा दी है। मेरी मां की पेंशन भी चालू हो गई है।

नेटिजंस ने दिए ऐसे-ऐसे रिएक्शन

इस पर रिएक्शन देते हुए एक यूजर ने लिखा कि जनता की जागरूकता और सोशल मीडिया की ताकत बहुत असर डालती है। अगर जनहित की समस्याओं को सही तरह से उजागर किया जाए तो प्रशासन अवश्य सक्रिय होगा। वहीं, एक अन्य यूजर ने कॉमेंट किया कि असली नेता वही है जो जरूरत पड़ने पर काम आए। बाकी नेताओं को भी आपसे सीखना चाहिए।

ये भी पढ़ें- '30 गुना बढ़ा भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट', PM मोदी ने बताया पिछले 10 साल में कितना आगे बढ़े हम