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Hindi News मध्य-प्रदेश छिंदवाड़ा में हुई मौतों के लिए कमलनाथ ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, उठाई मुआवजे की मांग

छिंदवाड़ा में हुई मौतों के लिए कमलनाथ ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, उठाई मुआवजे की मांग

कांग्रेस नेता और एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे। यहां बीते दिनों जहरीली कफ सिरप पीने से हुए मौतों को लेकर उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है।

कमलनाथ से सरकार पर लगाए आरोप।- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT कमलनाथ से सरकार पर लगाए आरोप।

छिंदवाड़ा में बीते दिनों जहरीली कफ सिरप पीने से दर्जनों बच्चों की मौत हो गई। वहीं अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दो दिवसीय दौरे पर छिंदवाड़ा पहुंचे। उन्होंने सिरप कांड में मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और गहरा दुख जताया। पूर्व सीएम कलमनाथ ने जहरीली कफ सिरफ से होने वाली मौतों के मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कमलनाथ ने कहा कि यह प्रदेश की बड़ी त्रासदी है। घर बैठे-बैठे मासूम बच्चों की मौत हो गई, इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है।

हादसे के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार

कमलनाथ ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है, क्योंकि ऐसी दवाई जिसमें जहरीला तेल मिला हुआ था, उसकी बिना टेस्टिंग परमिशन कैसे दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह दवाई केवल परासिया में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बिकी है। उन्होंने कहा कि 5 प्रतिशत दवाइयों की भी टेस्टिंग नहीं हुई। यही जहरीली दवाई तमिलनाडु के साथ प्रदेश के कई जिलों में गई, न जाने कितनी मौतें हो चुकी हैं। यहां तो एक साथ बच्चों की मृत्यु हुई, इसलिए मामला सामने आ गया, अन्य जिलों में तो लोगों को पता ही नहीं चला कि मौत की वजह क्या थी।

दोषियों को मिले सख्त सजा

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से लगातार बात करते रहे, लेकिन जब टेस्ट रिपोर्ट आई तो उसमें जहरीले तेल की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा ऐसी दवाई बेचने के लिए परमिशन लगती है। बिना टेस्टिंग के यह कैसे दी गई, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। जो भी दोषी है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जब पहली और दूसरी मृत्यु हुई थी, तभी जांच करवाई जानी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की।

परिजनों को दिलवाएं मुआवजा

कमलनाथ ने कहा कि यह तमिलनाडु सरकार की भी जांच का विषय है कि उन्होंने इस दवाई को बनाने की परमिशन कैसे दी। भाजपा द्वारा सवाल उठाने पर कि कमलनाथ बहुत देरी से आए हैं, उन्होंने कहा कि मैं इसे बहुत बड़ी ट्रेजडी मानता हूं। मुझे यहां आने की हिम्मत भी नहीं हो रही थी। यह सरकार की नाकामी है। मैंने इतना बढ़िया मेडिकल कॉलेज बनवाया था, लेकिन सरकार ने उसकी ग्रांट रोक दी, अब उसकी स्थिति जिला अस्पताल से भी खराब है। कमलनाथ ने छिंदवाड़ा सांसद से भी अपील की कि वे सरकार से बात करके पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलवाएं। 

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