चाइनीज मांझे से किसी की मौत हुई या गंभीर चोट आई तो होगी 5 साल तक की जेल, इस शहर के कलेक्टर ने जारी किया निर्देश
मध्य प्रदेश के इंदौर में कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है कि चाइनीज मांझे से किसी की मौत हुई या गंभीर चोट आई तो 5 साल तक की जेल होगी। शहर में पुलिस की ओर से भी चाइनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

पतंगबाजी में चाइनीज मांझे के उपयोग के कारण लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में भी चाइनीज मांझे के इस्तेमाल के कारण 1 शख्स की मौत हो गई है और दो लोग घायल हैं। ऐसे में पुलिस ने जिले में चीनी मांझे के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया है। वहीं, अब इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने पतंग उड़ाने में चीनी मांझे के खिलाफ एक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अगर चीनी मांझे से किसी व्यक्ति की मौत होती है या उसे गंभीर चोट लगती है, तो दोषियों पर IPC 2023 की धारा 106(1) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
क्यों जारी किया गया आदेश?
कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया- "गत समय में घटित कुछ घटनाओं से यह तथ्य संज्ञान में लाया गया है कि पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चायना के धागे के उपयोग से पक्षियों व जनसामान्य को हानि पहुंच रही है। कई बार चायना के धागे से पतंग उडाते समय पक्षी इसमें उलझ कर फंस जाते हैं और घायल हो जाते हैं और कई बार तो पक्षियों की मृत्यु तक हो जाती है। इस धागे से पतंगबाजी के दौरान रोड पर चलने वाले राहगीर भी कई बार घायल हो जाते हैं तथा कुछ मामलों में कुछ व्यक्तियों की मृत्यु तक भी हो चुकी है। इन घटनाओं को देखते हुए जनसामान्य को होने वाली इस प्रकार की हानि से बचाने के उद्देश्य से चायना के धागे को पतंगबाजी में उपयोग करने संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1158-1159/रीएडीएम/2023 दिनांक 25/11/2025 द्वारा जारी किया जा चुका है।"
क्या सजा मिलेगी?
कलेक्टर के आदेश में कहा गया- "उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी होने के पश्चात् भी यह देखने में आ रहा है कि अभी भी चोरी छिपे चायना धागे का उपयोग पतंगबाजी में किया जा रहा है, जिससे विगत दिनों कुछ जनहानि जैसी घटनाएँ भी घटित हुई हैं। ऐसे कृत्य करने वालों को ऐसा महसूस हो रहा है कि वे सामने नहीं आए तो उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो पाएगी, तो ऐसा नहीं हैं। भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 106 (1) में स्पष्ट रूप से प्रावधानित किया गया है कि " जो कोई, उतावलेपन से या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगी।"
उपरोक्त उल्लेखित पूर्व जारी आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 (1) के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकेगी।
ये भी पढ़ें- 'बच्चों ने चीनी मांझे से उड़ाई पतंग तो इसके जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं अभिभावक', हाई कोर्ट का सख्त निर्देश
नकाब पहनकर आया चोर, 'गुटखा' खाने के लिए खोला मुंह और CCTV में हो गया कैद, पहुंचा जेल