मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए 12 मई को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया 23 अप्रैल से शुरू हो रही है, उससे पहले आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर बीजेपी की कोर कमेटी की अहम बैठक जारी है।
इस बैठक में पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन हो रहा है। चर्चा के बाद तय नाम केंद्रीय नेतृत्व (दिल्ली) को भेजे जाएंगे, जहां अंतिम मुहर लगेगी। बीजेपी की रणनीति साफ है—सभी जीतने योग्य सीटों पर मजबूत और संतुलित चेहरे उतारे जाएं।
संख्या बल के हिसाब से तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट मानी जा रही है। 288 सदस्यीय विधानसभा के गणित के आधार पर:
- बीजेपी के लगभग 5 उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है
- एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 2 उम्मीदवार
- अजित पवार गुट का 1 उम्मीदवार
- वहीं विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) का 1 उम्मीदवार भी जीत सकता है
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी रीजन और कास्ट के हिसाब से किन चेहरों पर दांव लगाएगी। क्या नए चेहरों को मौका मिलेगा या पुराने नेताओं पर ही भरोसा जताया जाएगा?
कितने वोट जरूरी?
विधान परिषद चुनाव के लिए एक उम्मीदवार को जीत हासिल करने करीब 29 विधायकों का वोट जरूरी है। महाराष्ट्र विधानसभा में वर्तमान में 288 विधायक है।
क्या कहता है नोटिफिकेशन?
- चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन 23 अप्रैल से शुरू होगा।
- पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल है।
- उम्मीदवार 4 मई 2026 तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
- मतदान 12 मई को होगा।
- वोटिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा।
- 12 मई को ही मतगणना होगी। शाम पांच बजे के बाद से मतगणना की जाएगी।
इन चुनावों में किसे जीत मिलेगी और किसे हार का सामना करना पड़ेगा, यह तो साफ तौर पर 12 मई को ही पता लग पाएगा।