महाराष्ट्र के बारामती में प्लेन क्रैश मामले पर एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने पहली रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें बताया गया है कि एयरपोर्ट में कई तरह की कमियां हैं। वहीं, पायलट से जुड़ी कोई समस्या नहीं सामने आई है। हादसे से पहले तक पायलट और एयर कंट्रोल रूम के बीच सामान्य रूप से बातचीत हो रही थी। इसके अचानक ओ शिट.. ओ शिट की आवाज सुनाई और प्लेन हादसे का शिकार हो गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्लेन के दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक आग के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में उनकी रिकवरी के लिए स्पेशल तकनीक की जरूरत है। दिल्ली की लैब में एक रिकॉर्डर का रॉ डेटा डाउनलोड किया गया है। इससे हादसे की वजह से बारे में ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकती है।
प्लेन के पिछले हिस्से में मिले रिकॉर्डर
बारामती प्लेन हादसे के प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद दोनों रिकॉर्डर का जिक्र किया गया है दोनों को एयरक्राफ्ट के पिछले हिस्से से रिकवर किया गया और उनकी जांच की जा रही है। प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद दोनों पायलेट्स के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट का जिक्र है। दोनों की रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई है। बरामती एयरपोर्ट के और फील्ड को लेकर कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र है। इस रिपोर्ट में घटना के दिन के मौसम से जुड़ी हुई बातों को भी जोड़ा गया है।
पायलट और एयर कंट्रोल रूम के बीच क्या बातचीत हुई?
रिपोर्ट के अनुसार कंट्रोलर ने जानकारी दी कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर है। इसके बावजूद विमान ने एप्रोच जारी रखी और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरी एप्रोच के दौरान विमान ने रनवे दिखाई देने की सूचना दी, जिसके बाद बारामती टॉवर ने रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति दे दी। टॉवर ने यह भी बताया कि हवा शांत है। इसके कुछ ही समय बाद विमान से “ओह शिट… ओह शिट…” जैसी आवाज प्रसारित होती सुनी गई और फिर विमान रनवे 11 के थ्रेशोल्ड के बराबर, रनवे के बाईं ओर क्रैश लैंड कर गया।
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