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Hindi News महाराष्ट्र 'मेरे परिवार से कोई भी इसमें है शामिल है तो की जाए कार्रवाई', पुणे जमीन घोटाले पर बोले अजीत पवार

'मेरे परिवार से कोई भी इसमें है शामिल है तो की जाए कार्रवाई', पुणे जमीन घोटाले पर बोले अजीत पवार

पुणे जमीन मामले पर अजीत पवार ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति उनका नाम लेकर किसी काम या लेनदेन के लिए दबाव डालने की कोशिश करे तो झांसे में न आएं। किसी भी तरह के गलत काम में न शामिल हों।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार- India TV Hindi Image Source : PTI महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार

महाराष्ट्र के पुणे का जमीन घोटाला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुणे जमीन मामले में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का बड़ा बयान सामने आया है। अजीत पवार ने कहा, 'मेरे 35 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने कभी किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। अगर मेरे परिवार का कोई सदस्य या मेरे करीब का कोई व्यक्ति कुछ गलत करने की कोशिश करता है, तो मैंने कभी उसका समर्थन नहीं किया। मैंने इस पूरे मामले की पूरी जानकारी ली है। मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की और उन्हें कहा कि वे जांच के आदेश दे सकते हैं। यदि मेरे परिवार से कोई भी इसमें शामिल है, और गलत हुआ है तो भी कार्रवाई की जाए।'

सभी दस्तावेज किए गए रद्द

पवार ने आगे कहा, 'इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और लेनदेन अब रद्द कर दिए गए हैं। आज अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व), पुणे संभागीय आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है जो इस मामले में लगे आरोपों की जांच करेगी। समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।'

किसी के दबाव में न आने की अपील

डिप्टी सीएम ने कहा, 'मैं अपने अधीन सभी अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि अगर कोई व्यक्ति मेरा नाम लेकर किसी काम या लेनदेन के लिए दबाव डालने की कोशिश करे, तो वे किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं और किसी गलत काम में शामिल न हों।'

सभी बातों की जांच की जाएगी- पवार

पवार ने कहा, 'इस मामले में अब तक कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। किसने अधिकारियों पर दबाव डाला, कौन इसमें शामिल था, किसने लेनदेन किया? इन सभी बातों की पूरी जांच की जाएगी।'

पार्थ को FIR से बाहर रखने पर क्या बोले अजीत पवार

एफआईआर से पार्थ को बाहर रखने पर अजित पवार ने कहा, 'राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के लिए कार्यालय गए थे और हस्ताक्षर जिन्होंने किया था, एफआईआर उन्हीं के खिलाफ दर्ज की गई है।'