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नागपुर के फ्लैट में छापे जा रहे थे जाली नोट, 4 साल से चल रहा था ये खेल; VIDEO में देखें

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 50, 100 और 200 रुपये की नकली नोटें, हाई क्वालिटी कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, पेपर कटर और अन्य अत्याधुनिक सामग्री जब्त की।

जाली नोटों के रैकेट का पर्दाफाश - India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT जाली नोटों के रैकेट का पर्दाफाश

महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के एक एटीएम में नकली नोट जमा करने की एक छोटी सी कोशिश ने करोड़ों रुपये के अंतर-जिला जाली नोट रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। गढ़चिरोली पुलिस की जांच में सामने आया कि नागपुर के माधुरी अपार्टमेंट स्थित एक किराए में फिल्मी स्टाइल में नकली नोटों का कारखाना चलाया जा रहा था। इस मामले में गढ़चिरोली के रहने वाले दो इंजीनियर सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच के मुताबिक, यह अवैध कारोबार पिछले चार वर्षों से चल रहा था और आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान करोड़ों रुपये की जाली नोटें बाजार में खपाई गई होंगी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गढ़चिरोली जिले में कितनी नकली नोटें चलन में आईं और इस रैकेट से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।

100 रुपये के 21 नोटों ने बिगाड़ा खेल

पूरा मामला 11 मई को सामने आया, जब गढ़चिरोली शहर के कारगिल चौक स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ATM में 100 रुपये के 21 नोटें जमा करने की कोशिश की गई। लेकिन एटीएम मशीन ने नोट स्वीकार नहीं किए। बैंक अधिकारियों द्वारा जांच करने पर सभी नोट नकली निकले। इसके बाद बैंक मैनेजर प्रतीक अनासाने की शिकायत पर गढ़चिरोली पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस, प्रमोद टिकाराम कोवे (23), निवासी हलदा, तहसील ब्रह्मपुरी, जिला चंद्रपुर तक पहुंची। पूछताछ में उसने बताया कि उसे यह रकम गढ़चिरोली के पान ठेला संचालक आदित्य रेचनकर (19) से मिली थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीम नागपुर पहुंची।

पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा

16 मई की मध्यरात्रि गढ़चिरोली पुलिस ने नागपुर के माधुरी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर छापा मारा। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में खलबली मच गई। फ्लैट के भीतर नकली नोटों की छपाई के लिए पूरा सेटअप तैयार किया गया था। यहां से मयूर लक्ष्मीकांत डोईजड (31) और आदित्य लक्ष्मीकांत डोईजड (26) नामक सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया। दोनों मूल रूप से गढ़चिरोली जिले के निवासी हैं। मयूर सिविल इंजीनियर है, जबकि आदित्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 50, 100 और 200 रुपये की नकली नोटें, हाई क्वालिटी कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, पेपर कटर और अन्य अत्याधुनिक सामग्री जब्त की। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 39 हजार 700 रुपये बताई गई है। पुलिस को शक है कि फ्लैट में नोट छापकर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से बाजार में चलाया जा रहा था।

आरोपियों को 6 दिन की पुलिस हिरासत

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय से चल रहे इस कारोबार का भंडाफोड़ आखिरकार कुछ ही मिनटों में एटीएम मशीन की सतर्कता से हो गया। अगर मशीन नोट स्वीकार कर लेती, तो यह रैकेट शायद और लंबे समय तक चलता रहता। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या गढ़चिरोली जिले में बड़े पैमाने पर यही नकली नोट चलाए गए हैं। साथ ही, इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित सप्लाई चेन की भी जांच जारी है।

फिलहाल, इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। डोईजड बंधुओं और आदित्य रेचनकर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जानकारी पुलिस निरीक्षक विनोद चव्हाण ने दी।

(रिपोर्ट- नरेश सहारे)

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