A
Hindi News महाराष्ट्र 'सिर पर पहाड़ जैसे दुख के बावजूद कैसे शुभकामनाएं दें', सुनेत्रा के डिप्टी सीएम बनने पर बोले रोहित पवार

'सिर पर पहाड़ जैसे दुख के बावजूद कैसे शुभकामनाएं दें', सुनेत्रा के डिप्टी सीएम बनने पर बोले रोहित पवार

अजित पवार की मौत के तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने उनकी जगह डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। इस पर रोहित पवार ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि दुख का पहाड़ होने के बावजूद शुभकामनाएं कैसे दें।

Rohit Pawar- India TV Hindi Image Source : PTI रोहित पवार (बाएं), सुनेत्रा पवार (दाएं)

सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बनाए जाने पर शरद पवार परिवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आ गई है। रोहित पवार ने इस पर कहा है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि दुख की घड़ी में शुभकामनाएं कैसे दें। सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह में शरद पवार और सुप्रिया सुले भी शामिल नहीं हुए थे। सुनेत्रा पवार को एनसीपी के विधायकों ने अपना नेता चुना। इसके बाद उन्हें विहिप जारी करने समेत सारे अधिकार दिए गए और अब उन्होंने डिप्टी सीएम की शपथ ली है।

सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद रोहित पवार ने कहा, "राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में मानेत्रा सुनेत्रा काकी ने शपथ ली, यह खुशी की बात है। सच तो यह है कि माननीय अजित दादा की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन कम से कम सुनेत्रा काकी के रूप में हम वहां अजित दादा की झलक तो देख पाएंगे। सिर पर पहाड़ जैसे दुःख के बावजूद और हम सभी शोकाकुल होते हुए भी उन्हें शुभकामनाएं कैसे दें, यह समझ में नहीं आ रहा!"

शरद पवार को नहीं थी जानकारी

महाराष्ट्र एनसीपी (शरद पवार) के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने शनिवार को कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार को राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के फैसले के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान हादसे में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सुनेत्रा (62) ने शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शिंदे ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, "दोनों गुटों के विलय को लेकर बैठकें हुई थीं, लेकिन अजित दादा अब हमारे बीच नहीं हैं। कुछ बड़े मुद्दों पर पहले चर्चा हुई थी। अब हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या करना आवश्यक है और फिर निर्णय लेंगे। अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया उनकी अपनी होगी।" 

दोनों गुटों के विलय पर हो रही थी चर्चा

शिंदे ने सुनेत्रा के शपथ ग्रहण समारोह को जल्दबाजी में आयोजित किए जाने के सवाल पर कहा कि इसका जवाब उनके परिवार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अजित पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। जब राज्य शोक में डूबा हुआ है, तब यह निर्णय क्यों लिया गया, इसके बारे में हमें कई जानकारी नहीं है। उन्हें ही इसका स्पष्टीकरण देना होगा।" शिंदे ने कहा कि शरद पवार को सुनेत्रा के शपथ ग्रहण के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। राकांपा (शप) नेता के अनुसार, 17 जनवरी को शरद पवार के साथ अजित पवार की मुलाकात से पहले के तीन महीनों में आठ से दस बैठकें हो चुकी थीं। उन्होंने कहा, "महानगरपालिका चुनावों के बाद, दोनों गुटों के विलय की दिशा में काम करने का फैसला लिया गया था। यह बात शरद पवार को भी बता दी गई थी।" 

यह भी पढ़ें-

सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम, फडणवीस कैबिनेट में संभालेंगी ये तीन अहम मंत्रालय

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनीं सुनेत्रा पवार, सामने आया सबसे पहला बयान, जानें अजीत पवार के लिए क्या कहा?