महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के घाटकोपर इलाके से सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। घाटकोपर पश्चिम स्थित नित्यानंद नगर में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा रैली के दौरान दो गुटों में विवाद हो गया। घटना दोपहर करीब पौने बारह बजे की है, जब छोटे बच्चे वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए तिरंगा रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान मौके पर मौजूद आसिफ नामक एक टेलर ने बच्चों से आगे जाकर नारे लगाने को कहा। इस बात की शिकायत बच्चों ने अपने घरवालों से की। इसके बाद आसिफ और बच्चों के अभिभावकों के बीच कहासुनी हो गई।
दोनों पक्षों ने क्या आरोप लगाए?
बच्चों और उनके परिजनों का आरोप है कि आजीज शेख और उसके साथियों ने वंदे मातरम, भारत माता की जय और तिरंगा रैली का विरोध किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वहीं दूसरे पक्ष से आरिज और उनकी पड़ोसन फातिमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी देशभक्ति नारों या तिरंगे का विरोध नहीं किया, केवल आवाज को लेकर गलतफहमी हुई, जिसे बेवजह बड़ा रूप दिया गया। उनका आरोप है कि मामले को जबरन हिंदू-मुस्लिम रंग दिया जा रहा है और उन्हें फंसाया जा रहा है।
पुलिस ने FIR दर्ज की
घटना के बाद पुलिस ने पहले इसे एक ही मोहल्ले का मामला बताते हुए आपसी सुलह की सलाह दी और शिकायत लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया और भाजपा कार्यकर्ता घाटकोपर पुलिस स्टेशन पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। किरीट सोमैया के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली। शिकायतकर्ता संध्या समरजीत गुहा की शिकायत पर अजीज शेख, अब्दुल्ला शेख, गौस मोहम्मद शेख, रिज़वान शेख और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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