मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब महाराष्ट्र सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। महाराष्ट्र सरकार के कई विभागों ने विदेश दौरे रद्द करने, ईंधन बचाने और सरकारी खर्च कम करने के फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में सांस्कृतिक विभाग ने Cannes Film Festival का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल
राज्य सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय हित और संसाधनों की बचत को ध्यान में रखते हुए ये फैसले लिए जा रहे हैं। वहीं विपक्ष इस पर सरकार को घेरते हुए सवाल उठा रहा है कि क्या ये फैसले सिर्फ दिखावे तक सीमित रहेंगे या जमीन पर भी असर दिखेगा।
पीएम मोदी की अपील के बाद रद्द किया दौरा-आशीष शेलार
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा है की पीएम मोदी की अपील के बाद उनके विभाग का एक डेलीगेशन पहले Cannes Film Festival में जाने वाला था जो अब नहीं जाएगा। इसके अलावा विभाग में कम से कम वाहनों का इस्तेमाल किया जायेगा। जो ज़रूरी मीटिंग हैं उन्हें वर्चुअल तरीके से ही किया जायेगा।
पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?
रविवार को हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए दोहराया कि आयातित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से और केवल आवश्यकता होने पर ही किया जाना चाहिए। मोदी ने वित्तीय और भूराजनीतिक लाभों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज के समय में यह भी आवश्यक है कि पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य उत्पादों का बड़े संयम के साथ उपयोग किया जाए। हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।"