ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने पर सियासत गरम, अमित ठाकरे बोले- 'मराठी लोगों को तकलीफ हुई तो सड़क पर पीटेंगे'
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने पर सियासत गरमा गई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने गैर मराठी रिक्शा चालकों को धमकी दी है कि मराठी लोगों को तकलीफ हुई तो सड़क पर पीटेंगे।

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले के बाद सियासत गरमा गई है। सरकार का कहना है कि रिक्शा चालकों को मराठी आनी चाहिए और जिन्हें नहीं आती, उन्हें सरकार की ओर से सिखाने की व्यवस्था भी की जाएगी। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सरकार के रुख का समर्थन किया है। वहीं पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और युवा नेता अमित ठाकरे का बयान चर्चा में आ गया है जहां उन्होंने आंदोलन करने वाले गैर मराठी रिक्शा चालकों को चेतावनी दी है और कहा है कि हमारे मराठी लोगों को आपके आंदोलन के कारण तकलीफ हुई तो सड़क पर पीटेंगे।
अमित ठाकरे ने क्या कहा?
सवाल: क्या आपको लगता है कि उनके लिए यह (मराठी भाषा) अनिवार्य या बंधनकारक करना परेशानी का कारण बन सकता है?
जवाब: अमित ठाकरे ने कहा- "बिल्कुल भी परेशानी नहीं होगी। सरकार का यह निर्णय अत्यंत उचित है। एक तरफ आप कहते हैं कि हम अपनी भूमिका बदल रहे हैं, लेकिन यहां सरकार ने एक अच्छी भूमिका ली है और हम उसका समर्थन करते हैं। यहां मराठी व्यक्ति को प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए। जो लोग मराठी भाषा सीखने की कोशिश कर रहे हैं जैसा कि राज साहेब (राज ठाकरे) बार-बार कहते हैं कि आप इस राज्य में पले-बढ़े हैं, आपका व्यवसाय और उद्योग इसी राज्य में चल रहा है, तो क्या आपको यहां की भाषा नहीं आनी चाहिए? सरकार का यह निर्णय बहुत सही है।"
सवाल: और इसके विरोध में उत्तर भारतीय आंदोलन करने वाले हैं, 4 मई से वे काम बंद करने वाले हैं (हड़ताल पर जाने वाले हैं)?
जवाब: अमित ठाकरे ने कहा- जाने दीजिए, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कल से मैं कई वीडियो और रील्स देख रहा हूं। मैं मराठी रिक्शा चालकों के जो वीडियो देख रहा हूं, उनमें उनका कहना है कि हम अभी तक 8 बजे तक रिक्शा चलाते थे, अब हम 12 बजे तक चलाएंगे, लेकिन नागरिकों को परेशानी नहीं होने देंगे। इसके लिए उन्हें सच में 'हैट्स ऑफ' (सलाम) है। ये वीडियो देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है कि हमारे मराठी लोग भी इस तरह मैदान में उतर रहे हैं। इसलिए इस आंदोलन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं बस एक बात कहना चाहता हूं कि आप हड़ताल करके आंदोलन कीजिए। अगर आप हमारे लोगों के साथ हाथापाई करेंगे, तो हम आपको सड़क पर मारेंगे। आप हड़ताल कीजिए, रिक्शा मत चलाइए, जो चाहे वो कीजिए। इस हड़ताल के दौरान मराठी भाषा सीखने की कोशिश कीजिए। लेकिन अगर आप रिक्शा चला रहे मराठी लोगों के साथ मारपीट करेंगे, तो हम आपको सड़क पर मारेंगे।"
सवाल: क्या आपको नहीं लगता कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है?
जवाब: अमित ठाकरे ने कहा- "नहीं, मुझे लगता है कि सरकार ने ही यह निर्णय लिया है, इसलिए कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए। उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए। हड़ताल होने पर भी कहीं मारपीट न हो, इसका ध्यान रखना चाहिए। आप शांति से हड़ताल कीजिए, हम आपको दिखा देंगे कि मराठी रिक्शा चालक क्या होते हैं। और जो आपको डर है कि आपके हड़ताल पर होने के बावजूद रिक्शा चलते रहेंगे, तो वह डर बना रहना चाहिए। क्योंकि हमारे रिक्शा चालक पूरे मुंबई में रिक्शा चलाने में सक्षम हैं।"
शिवसेना के भीतर अलग-अलग राय
अमित ठाकरे के इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। विपक्षी दल इसे उकसाने वाला और विभाजनकारी बता रहे हैं, जबकि समर्थक इसे मराठी अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं। एक तरफ प्रताप सरनाईक मराठी भाषा को जरूरी बता रहे हैं और सरकार के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ उसी पार्टी के नेता संजय निरुपम ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि हिंदी भी व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं होगा। इस बयानबाजी के बाद शिवसेना के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही है, जिससे साफ है कि इस मुद्दे पर पार्टी में एकरूपता नहीं है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
गुणरत्न सदावर्ते और मनसे आमने-सामने
दूसरी ओर भाईंदर इलाके में गुणरत्न सदावर्ते और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना आमने-सामने आ गए, बैठक का मनसे ने जोरदार विरोध किया। भाईंदर पूर्व में ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान आज माहौल तनावपूर्ण हो गया। डॉ. एड. गुणरत्न सदावर्ते की मौजूदगी में कार्यक्रम चल रहा था, तभी मनसे कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ज्योति पार्क, इंद्रलोक कॉर्नर के पास न्यू गोल्डन नेस्ट इलाके में आज दोपहर करीब 1 बजे यह बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के दौरान ही बड़ी संख्या में मनसे कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और सदावर्ते के खिलाफ नारेबाजी कर माहौल गरमा दिया।
स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शन कर रहे मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए इलाके में तनाव बना रहा, लेकिन पुलिस बंदोबस्त के चलते स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ऑटो रिक्शा चालकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की जानी थी। इस घटना के बाद भाईंदर क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सीएम आवास पर हो रही मीटिंग, सियासी हलचल तेज
'5 मिनट के लिए ऑफिस में नमाज पढ़ने पर बवाल क्यों?', अबू आजमी ने हालिया घटनाओं पर उठाए सवाल