महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में अभी भी मतगणना जारी है, ऐसे में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर है। ठाकरे परिवार 25 वर्षों के बाद मुंबई के नगर निकाय पर अपनी पकड़ खो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई बीएमसी का मेयर बनने अभी एक हफ़्ते का और समय लग सकता है। कल रात सीएम फड़नवीस दावोस इन्वेस्टमेंट समिट के लिए रवाना होंगे । 25 जनवरी को सीएम लौट आयेंगे, ऐसे में मेयर का चुनाव 26 जनवरी के बाद ही हो सकता है।
कैसे चुना जाता है बीएमसी का मेयर, क्या है प्रक्रिया
बीएमसी में मेयर का चुनाव सीधे नहीं होता है, इसके लिए चुनाव में जनता जिन नगरसेवक को चुनती है, वही अपने बीच से मेयर का चुनाव करते हैं। जिस पार्टी के पास ज्यादा नगरसेवक होते हैं, उस पार्टी के जीते हुए नगरसेवक के मेयर बनने की संभावना सबसे अधिक होती है। बीएमसी कमिश्नर मेयर चुनाव प्रक्रिया की घोषणा करेंगे। मेयर किस कैटेगरी से होगा उसका ड्रा निकालेंगे, फिर चुनाव प्रक्रिया आयोजित कर मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। बता दें कि मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है।
बीएमसी के मेयर का क्या काम होता है
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के मेयर को सैलरी नहीं बल्कि मानदेय दिया जाता है और इसके साथ ही कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। मुंबई के मेयर का काम BMC हाउस की बैठकों की अध्यक्षता करना, शहर का 'फर्स्ट सिटीजन' बनकर प्रतिनिधित्व करना होता है।