मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नई कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े की नियुक्ति की गई है। प्रशासनिक अनुभव और सख्त कामकाज शैली के लिए जानी जाने वाली भिड़े को महाराष्ट्र सरकार का एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरा माना जाता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सचिव के पद पर भी दे चुकी हैं सेवाएं
देवेंद्र फडणवीस की करीबी आईएएस अधिकारियों में शामिल अश्विनी भिड़े इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सचिव के पद पर भी कार्यरत रह चुकी हैं। मुंबई के महत्वाकांक्षी भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा, BMC में एडिशनल कमिश्नर के रूप में भी उनका अनुभव रहा है, जिससे उन्हें नगर प्रशासन की गहरी समझ है। अश्विनी भिड़े को एक तेज तर्रार अधिकारी माना जाता है। वह अपनी सख्त शैली के लिए जानी जाती हैं।
गौरतलब है कि BMC (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के आखिरी चुनाव 15 जनवरी 2026 को हुए थे। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चला था, और वोटों की गिनती अगले दिन 16 जनवरी 2026 को हुई। ये चुनाव एक फेज में हुआ था। इससे पहले 2017 में BMC चुनाव हुए थे, उस समय अविभाजित शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
2026 में मतगणना के बाद BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और उसे 89 सीटें मिली थीं।
BMC का क्या काम होता है?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुंबई शहर की स्थानीय सरकार (नागरिक निकाय) है। यह 1888 के बॉम्बे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत स्थापित हुई और भारत की सबसे अमीर और सबसे बड़ी नगर पालिका है। इसका वार्षिक बजट कई छोटे राज्यों से भी ज्यादा होता है। BMC मुंबईवासियों को रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं प्रदान करती है।
BMC के कामों में पानी की आपूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम और बाढ़ नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन और विकास समेत तमाम चीजें शामिल हैं।