A
Hindi News महाराष्ट्र मुंबई को मिला नया मेयर, रितु तावडे निर्विरोध मेयर निर्वाचित, BMC की सत्ता में 44 साल बाद बीजेपी की वापसी

मुंबई को मिला नया मेयर, रितु तावडे निर्विरोध मेयर निर्वाचित, BMC की सत्ता में 44 साल बाद बीजेपी की वापसी

बीजेपी कॉर्पोरेटर रितु तावड़े मुंबई की नई मेयर बन गई हैं। करीब 44 साल बाद बीजेपी बीएमसी की सत्ता पर काबिज हुई है। इसी के साथ बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) पर शिवसेना का 25 साल से चला आ रहा कब्ज़ा खत्म हो गया है।

बीएमसी के बाहर लगे पोस्टर्स- India TV Hindi Image Source : REPORTER बीएमसी के बाहर लगे पोस्टर्स

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को आज नया मेयर मिल गया है। बीजेपी की रितु तावड़े को निर्विरोध मेयर चुना गया है। शिवसेना शिंदे गुटे के संजय घाडी डिप्टी मेयर चुने गए हैं। किसी भी पार्टी ने इन दोनों उम्मीदवारों के अलावा कोई कैंडिंडेट खड़ा नहीं किया था। मेयर का चुनाव बीजेपी के लिए खास है, क्योंकि देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में शिवसेना UBT के दबदबे को खत्म कर बीजेपी ने 44 साल बाद अपना मेयर बनाई है। रितु तावडे़ वार्ड 132 से पार्षद हैं, जबकि घाडी 15 जनवरी को हुए नगर निकाय चुनाव में वार्ड 5 से चुने गए थे। 

सीएम और डिप्टी सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सभागृह में मौजूद रहे। उन्होंने महापौर रीतू तावड़े और उप महापौर संजय घाड़ी को बधाई दी।  

बीजेपी दूसरी बार बनाएगी बीएमसी में सरकार

तावड़े मुंबई की 77वीं मेयर बनी हैं। वह मुंबई में मेयर का पद संभालने वाली दूसरी BJP कॉर्पोरेटर हैं। बीजेपी के पहले मेयर डॉ. प्रभाकर पई पार्टी की स्थापना के कुछ ही साल बाद, 1982 से 1983 तक इस पद पर रहे थे। अविभाजित शिवसेना ने 1997 में BMC पर कब्ज़ा कर लिया था। लगभग तीन दशकों के बाद, BJP अब BMC की सत्ता में वापसी के लिए तैयार है। 

बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

गौरतलब है कि 227 सदस्यीय बीएमसी के चुनाव में भाजपा 89 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी जबकि शिवसेना ने 29 सीट जीतीं। सत्ताधारी गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हैं और उसने बहुमत के 114 के आंकड़े को पार कर लिया है और मेयर पद हासिल करने की अच्छी स्थिति में है। 

बीएमसी में 1997 से 25 वर्षों तक राज करने वाली शिवसेना (उबाठा) ने 65 सीट जीतीं जबकि उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने क्रमशः छह और एक सीट जीती। अन्य दलों में कांग्रेस ने 24 सीट जीतीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने आठ, राकांपा (अजित पवार गुट) ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीट जीतीं। नौ साल के अंतराल के बाद हुए इस बड़े चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते।