नासिक: नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात प्रकरण में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। नासिक के मिरगांव स्थित श्री शिवनिका संस्थान (जो बाबा का ट्रस्ट है) आर्थिक लेन-देन को लेकर ऑडिट रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के बीच संस्थान की आय बेहद सीमित रही। इस दौरान कुल आय करीब 4.90 लाख रुपये के आसपास दर्ज की गई, जबकि 1.60 से 1.64 लाख रुपये तक का घाटा भी सामने आया।
साल 2024 गेमचेंजर साबित हुआ
हालांकि, वर्ष 2024 संस्थान के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ। इस साल संस्थान को 76 लाख 91 हजार 416 रुपये की भारी-भरकम दानराशि प्राप्त हुई। खर्च निकालने के बाद संस्थान के पास करीब 70.66 लाख रुपये की रिकॉर्ड शेष राशि बची, जिससे इसकी आर्थिक स्थिति अचानक मजबूत हो गई।
संपत्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में संस्थान की कुल संपत्ति करीब 96 लाख रुपये थी, जो 2025 तक बढ़कर 1 करोड़ 81 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा, बैंक में 23 लाख 35 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी दर्ज है।
अब जांच एजेंसियों के रडार पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि संस्थान को मिली यह भारी दानराशि आखिर कहां से आई? दान के इस सुनामी के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
आज खत्म हो रही पुलिस रिमांड
गौरतलब है कि आज भोंदू बाबा अशोक खरात की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है। SIT पूरे मामले की जांच कर रही है। SIT द्वारा आज अशोक खरात को नासिक जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अशोक खरात की पुलिस रिमांड की मांग कोर्ट में करेगी।
इस मामले में सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि अशोक खरात पर जल्द ही और मामले भी दर्ज होंगे। केस सही ट्रैक पर इन्वेस्टिगेट हो रहा है।
बता दें कि अशोक खरात का मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया है। हर कोई हैरान है कि कैसे एक व्यक्ति इतने लंबे समय तक लोगों को भ्रम में रखकर अपना खेल खेलता रहा और किसी को भनक भी नहीं लगी।