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Hindi News महाराष्ट्र पुणे में धोती पर सिग्नेचर आंदोलन कर राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की मांग, छत्रपति शिवाजी से की थी गडकरी की तुलना

पुणे में धोती पर सिग्नेचर आंदोलन कर राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की मांग, छत्रपति शिवाजी से की थी गडकरी की तुलना

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने जमाने के आदर्श हैं, अब नितिन गडकरी आदर्श हैं। राज्यपाल के इस बयान के बाद उनके खिलाफ पुणे में सिग्नेचर आंदोलन किया गया।

राज्यपाल भगत सिंह...- India TV Hindi Image Source : INDIA TV राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

पुणे: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कुछ दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ एक विवादित बयान दिया था जिसको लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी है। राज्यपाल कोश्यारी के खिलाफ पुणे में सिग्नेचर आंदोलन किया गया। इस दौरान धोती पर हस्ताक्षर कर नारेबाजी की गई। स्वराज्य संस्था के प्रवक्ता डॉ. धनंजय जाधव ने कहा कि राज्यपाल को निष्कासित नहीं किया तो उनके कार्यक्रम रद्द कर राजभवन पर ताला लगाया जाएगा।

'राज्यपाल को हटाओ, स्वाभिमान बचाओ' के नारे लगे
बता दें कि राज्यपाल कोश्यारी ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने जमाने के आदर्श हैं, अब नितिन गडकरी आदर्श हैं। उनके इस बयान के बाद से ही कोश्यारी की आलोचना की जा रही है। राज्यपाल द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर स्वराज्य संस्था की ओर से बयान दिया गया। साथ ही धोती पर हस्ताक्षर कर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 'राज्यपाल को हटाओ, स्वाभिमान बचाओ', 'छत्रपति शिवाजी महाराज की जय' जैसे नारे लगाए।

Image Source : india tvराज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

उद्धव ठाकरे ने दी महाराष्ट्र बंद की चेतावनी
इससे पहले, राज्य के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र बंद की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि तमाम दलों से अपील की है कि वे महाराष्ट्र बन्द के लिए एक साथ आएं। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यपाल पर कार्रवाई की मांग करते हुए 2 से 5 दिन का समय दिया था। ठाकरे ने कहा था कि अगर राज्यपाल पर कार्रवाई नहीं हुई तो महाराष्ट्र बंद करेंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने शिंदे सरकार को दी चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो शिवाजी महाराज के अपमान के मुद्दे पर बीजेपी सरकार से बाहर आए, जैसे हमने सावरकर के अपमान पर MVA से बाहर आने की चेतावनी दी थी।