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सदन में उद्धव ठाकरे के विदाई सत्र में शायराना टकराव, देवेंद्र फडणवीस बोले, 'जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था...'

विधान परिषद में आयोजित इस विशेष सत्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शायराना अंदाज सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की तारीफ करते हुए सदन के अंदर शायरी पढ़ी।

उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
Image Source : PTI उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस

उद्धव ठाकरे के विधान परिषद कार्यकाल के समापन से पहले उनका विदाई भाषण महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के नेताओं के बीच शेरो-शायरी के जरिए सियासी तंज और जवाबी वार देखने को मिला। शिव सेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के नेता और विधान परिषद सदस्य उद्धव ठाकरे का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है। 

 देवेंद्र फडणवीस का शायराना अंदाज

ऐसे में मौजूदा सत्र उनका आखिरी सत्र है और इसी को लेकर विधान परिषद में उनका विदाई भाषण आयोजित किया गया। इस दौरान कई नेताओं ने अपने विचार रखे, लेकिन देवेंद्र फडणवीस का शायराना अंदाज खास चर्चा में रहा। उन्होंने उद्धव ठाकरे की तारीफ करते हुए शायरी के जरिए अपनी बात रखी और उन्हें विदाई दी।

 सच में तो हम एक साथ थे- फडणवीस

फडणवीस के इस अंदाज का जवाब भी उद्धव ठाकरे ने शेरो-शायरी में ही दिया, जिसकी पूरे महाराष्ट्र में खूब चर्चा हो रही है। इस घटनाक्रम के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। सदन में बोलते हुए फडणवीस ने कहा, 'अब सच में तो हम एक साथ थे। अब 19 में क्या हुआ? जो कुछ भी हुआ, हम अलग-अलग हो गए और इसलिए मेरी इस अवसर पर सिर्फ़ एक शेर सुनाने की इच्छा है:

"साजिश की सौगात पकड़कर बैठ गए
अनचाहे हालात पकड़कर बैठ गए
साजिश की सौगात पकड़कर बैठ गए
अनचाहे हालात पकड़कर बैठ गए
जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था
हैरत है, वो बात पकड़कर बैठ गए।"

 मेरा स्वभाव राजनीति का नहीं- उद्धव ठाकरे

सीएम फडणवीस के बात का जवाब उद्धव ने भी उसी अंदाज में दिया और कहा, 'वैसे देखा जाए तो, माननीय मुख्यमंत्री महोदय, आपने जो कहा वह बिल्कुल सच है। मेरा स्वभाव राजनीति का नहीं है। मेरा मूल स्वभाव एक कलाकार का है और इतना उत्तम वर्णन आपके द्वारा किए जाने के बाद, आपने मुझे इतने करीब से जानने की बात कहने के बाद... ऐसी कौन सी बात थी कि और किसी का हाथ पकड़ना पड़ा? 

संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

इन दोनों नेताओं के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने शायरी के अंदाज में कहा, 'हम छोड़ चले महफिल को, याद आए तो कभी मत रोना।' शिरसाट ने कहा कि अब उद्धव ठाकरे को पछतावा हो रहा है, क्योंकि उनके कई विधायक, सांसद और पदाधिकारी उनका साथ छोड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में एक गलती की बड़ी सजा भुगतनी पड़ती है और अब यह बात उद्धव ठाकरे को समझ आ रही है।