महाराष्ट्र: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है और इस दौरान एक वाकया सामने आया। महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के वन मंत्री गणेश नाईक को अपना वोट डालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नवी मुंबई जिसे गणेश नाईक का अभेद्य किला माना जाता है, वहां आज खुद उन्हें ही मतदान के दौरान अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। मंत्री गणेश नाईक सुबह-सुबह वोट डालने निकले थे, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम और सही बूथ नंबर न मिल पाने के कारण उन्हें एक से दूसरे पोलिंग बूथ के चक्कर लगाने पड़े। भागमभाग के बाद आखिरकार उन्हें अपना नाम मिला और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
नवी मुंबई नगर निगम पर एकछत्र राज
जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कई दशकों से नवी मुंबई नगर निगम पर गणेश नाईक का एकछत्र राज रहा है। चाहे वे शिवसेना में रहे हों, एनसीपी में या अब भाजपा में। पार्टी कोई भी हो, नवी मुंबई में सत्ता की चाबी हमेशा नाईक परिवार के पास ही रही है। उनके बेटे संजीव नाईक और संदीप नाईक भी यहां की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
भाजपा बनाम शिवसेना (शिंदे गुट)
इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर यह है कि महाराष्ट्र की सत्ता में साथ होने के बावजूद, नवी मुंबई नगर निगम चुनाव में भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के बीच गठबंधन नहीं हो सका। शिंदे गुट और गणेश नाईक के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बनी। गठबंधन न होने के कारण दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इसके चलते मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला हो गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए यह चुनाव अपनी ताकत दिखाने का मौका है, तो वहीं गणेश नाईक के लिए यह अपना वर्चस्व बचाने की लड़ाई है।
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