A
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Financial insecurity: वित्‍तीय असुरक्षा में फंसे हैं अमेरिकन्‍स, 62% लोगों के बचत खाते में हैं 1000 डॉलर से भी कम

Financial insecurity: वित्‍तीय असुरक्षा में फंसे हैं अमेरिकन्‍स, 62% लोगों के बचत खाते में हैं 1000 डॉलर से भी कम

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी मंदी के सात साल बीत जाने के बाद भी लाखों अमेरिका के नागरिक अभी भी वित्‍तीय असुरक्षा के चक्र में फंसे हुए हैं।

Financial insecurity: वित्‍तीय असुरक्षा में फंसे हैं अमेरिकन्‍स, 62% लोगों के बचत खाते में हैं 1000 डॉलर से भी कम- India TV Hindi
Financial insecurity: वित्‍तीय असुरक्षा में फंसे हैं अमेरिकन्‍स, 62% लोगों के बचत खाते में हैं 1000 डॉलर से भी कम

वॉशिंगटन। कॉरपोरेशन फॉर एंटरप्राइज डेवलपमेंट ने हाल ही में 2016 असेट एंड अपॉर्च्‍युनिटी स्‍कोर कार्ड नामक एक रिपोर्ट जारी की है। यह वॉशिंगटन डीसी का एक नॉन प्रॉफि‍ट ग्रुप है, जो गरीब परिवारों के लिए काम करता है। इसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया की सबसे बड़ी मंदी के सात साल बीत जाने के बाद भी लाखों अमेरिकी नागरिक वित्‍तीय असुरक्षा के चक्र में फंसे हुए हैं।

अमेरिका में होम ओनरशिप रेट ऐतिहासिक निचले स्‍तर पर है। हाल के सालों में बेरोजगारी में तेज गिरावट के बावजूद किराये में वृद्धि से किरायेदारों पर बोझ बढ़ रहा है। अमेरिका में लगभग 10 फीसदी लोग ठेके पर काम कर रहे हैं। यह रिपोर्ट 50 राज्‍यों और डिस्ट्रिक ऑफ कोलंबिया में 61 मापदंडों पर किए गए सर्वे पर आधारित है। इसमें फाइनेंशियल असेट और इनकम, बिजनेस और जॉब, हाउसिंग, हेल्‍थ केयर और एजुकेशन जैसे मापदंड़ो को शामिल किया गया है। इतना ही नहीं गूगल कंज्‍यूमर सर्वे द्वारा गोबैंकिंगरेट्स डॉट कॉम के लिए किए गए एक ताजा सर्वे में यह बात पता चली है कि तकरीबन 62 फीसदी अमेरिकन्‍स के बचत खाते में 1000 डॉलर से भी कम राशि है। इतना ही नहीं अमेरिका में 21 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके पास बचत खाता ही नहीं है।

यह भी पढ़ें

जनवरी में दुनियाभर के स्‍टॉक मार्केट से 8 लाख करोड़ डॉलर डूबे, अमेरिका में मंदी बढ़ने की संभावना: BAML

बचत की इतनी छोटी राशि भी एक चुनौती है। वास्‍तव में 44 फीसदी परिवारों के पास खर्च करने योग्‍य राशि की स्थिति बहुत ही खराब है। इसका मतलब यह है कि यदि ये परिवार आय के स्रोत खो देते हैं तो उनके पास गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने के लिए तीन माह से कम के लिए राशि बची है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू खर्च बढ़ गए हैं, लोगों की आय कम हो गई है, खाने, डॉक्‍टर और बच्‍चो की परवरिश में कठिनाई आ रही है। समय पर बिल का भुगतान नहीं हो रहा है और उपभोक्‍ताओं को मजबूरी में ऊंची लागत पर शॉर्ट टर्म लोन लेना पड़ रहा है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के ज्‍वाइंट सेंटर फॉर हाउसिंग स्‍टडीज द्वारा जारी डाटा के मुताबिक आधे से अधिक किरायेदारों को अपनी ग्रोस इनकम का 30 फीसदी से अधिक हिस्‍सा किराये पर खर्च करना पड़ रहा है।

2015 की अंतिम तिमाही में होम ओनरशिप रेट 64 फीसदी है, जो पिछले तीस साल के सबसे निचते स्‍तर के करीब है। दिसंबर 2015 में राष्‍ट्रीय बेरोजगारी की दर घटकर 5 फीसदी रह गई है, जो अक्‍टूबर 2009 में 10 फीसदी के उच्‍च स्‍तर पर थी। दिसंबर 2015 में ठेके पर रोजगार की दर 9.9 फीसदी है, जो यह दर्शाता है कि लोग अभी भी फुल टाईम जॉब पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्‍येक चार में से एक जॉब तय वेतन से कम वाली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकन्‍स अभी भी मंदी से पहले वाली संपत्ति स्‍तर हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

Source: marketwatch.com

Latest Business News