Key Highlightsसरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में कुल मिलाकर 23.55 फीसदी की वृद्धि होगीबेसिक सैलरी, भत्ते और पेंशन में 23.55 फीसदी की वृद्धि से सरकार पर अतिरिक्त 1.02 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा, जो जीडीपी का 0.7 फीसदी है।एंट्री लेवल पर सेलरी वर्तमान 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए प्रति महीना होगीअधिकतम वेतन, जो कि कैबिनेट सेक्रेटरी का होता है, वर्तमान 90,000 रुपए से बढ़कर 2.5 लाख रुपए प्रति महीना होगापिछले 70 सालों में वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह अब तक के सबसे कम वेतन वृद्धि होगीविशेषज्ञों का कहना है कि वेतन वृद्धि से उपभोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की डिमांड बढ़ेगी।नई दिल्ली। सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को क्रियान्वित करने के लिए संशोधित वेतनमान को अधिसूचित कर दिया है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मूल वेतन में 2.57 गुना वृद्धि होगी।एक जनवरी 2016 से केंद्र सरकार में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए मासिक होगा और उच्चतम स्तर पर यह 2.5 लाख रुपए होगा।अधिसूचना के अनुसार नए वेतन मैट्रिक्स के तहत एक जनवरी 2016 को कर्मचारियों का नया वेतन मौजूदा वेतन (मूल वेतन और ग्रेड पे का योग) के 2.57 गुने के बराबर होगा।पहली नौकरी के लिए गवर्नमेंट जॉब है सबसे बेहतर, प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा मिलता है वेतन : IIM-Aइसके साथ साल में वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) के लिए दो तारीखें एक जनवरी तथा एक जुलाई होगी। फिलहाल इसके लिए केवल एक जुलाई की तारीख थी। कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति या वित्तीय उन्नयन अनुदान के आधार पर इन दोनों तारीखों में से किसी एक तारीख को वेतन में सालाना वृद्धि होगी। मंत्रिमंडल ने पिछले महीने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन में वृद्धि की मंजूरी दे दी थी। इससे सरकारी खजाने पर सालाना 1.02 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।