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Hindi News पैसा बिज़नेस बांग्‍लादेश के गारमेंट कारोबार पर संकट, कर्मचारी संघों ने 95 डालर के न्यूनतम वेतन को किया खारिज

बांग्‍लादेश के गारमेंट कारोबार पर संकट, कर्मचारी संघों ने 95 डालर के न्यूनतम वेतन को किया खारिज

बांग्‍लादेश में कपड़ा उद्योग से जुड़े मजदूरों का विरोध सरकार के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। बांग्लादेश के कामगार संघों ने शुक्रवार को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।

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ढाका। बांग्‍लादेश में कपड़ा उद्योग से जुड़े मजदूरों का विरोध सरकार के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। बांग्लादेश के कामगार संघों ने शुक्रवार को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन देश के 40 लाख परिधान कामगारों के लिए सरकार द्वारा तय किए गए 95 अमेरिकी डॉलर के न्यूनतम वेतन के विरोध में किया जिसे उन्होंने "अमानवीय" करार दिया।

अधिकारियों ने कहा कि नए वेतन में 51 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह दिसंबर से लागू होगी लेकिन इस घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर सैकड़ों श्रमिक ढाका की सड़कों पर उतर आये। उन्होंने अधिक वृद्धि के लिए लड़ने की शपथ ली। ढाका में राणा प्लाजा गार्मेंट कारखाने के ध्वस्त होने की घटना में कम से कम 1,130 लोगों की मौत होने के बाद वर्ष 2013 में मौजूदा 5,300 टका (63 डॉलर) का न्यूनतम वेतन तय किया गया था। नया वेतन अब 8,000 टका निर्धारित किया गया है।

कर्मचारी यूनियन के एक शीर्ष नेता जॉली तालुकदर ने एएफपी को बताया, "हम इस वेतन को स्वीकार नहीं कर सकते हैं। यह अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। यह मजदूरों से धोखा है।" तालुकदर का समूह उन तीन वामपंथी संगठनों में से एक है जिसने ढाका में विरोध प्रदर्शन किया और उन्होंने कहा कि कम से कम 16,000 टका की मजदूरी तय होनी चाहिये।

बांग्लादेश दुनिया के अग्रणी वस्त्र निर्माताओं में से एक है और पिछले साल इसकी 4,500 कारखानों ने 30 अरब डॉलर का निर्यात किया। इसके शीर्ष खरीदारों में एच एंड एम, टेस्को, गैप और वॉलमार्ट जैसी शीर्ष यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी खुदरा कारोबारी शामिल हैं।

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