बैंक हड़ताल की गूंज पिछले कई दिनों से सुनाई दे रही थी। ऐसे में कस्टमर्स को इस बात का कन्फ्यूजन होने लगा था कि क्या सोमवार को वह बैंक का कामकाज करा पाएंगे? लेकिन राहत की बात यह है कि बैंक आज यानी 24 मार्च को खुले हैं और आप बैंक से जुड़ा अपना काम करा सकते हैं। दरअसल, बैंक यूनियनों ने वित्त मंत्रालय और आईबीए से अपनी मांगों पर पॉजिटिव आश्वासन मिलने के बाद 24 मार्च से शुरू होने वाली अपनी दो दिनों (24 और 25 मार्च को) की राष्ट्रव्यापी हड़ताल टाल दी है।
यूएफबीयू ने किया था हड़ताल का आह्वान
खबर के मुताबिक, बैंक यूनियनों की मांगों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती शामिल है। हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया था, जो नौ बैंक कर्मचारियों के संगठन का एक संगठन है। इस संगठन में एआईबीईए के अलावा अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी), राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी परिसंघ (एनसीबीई), अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओए) तथा भारतीय बैंक कर्मचारी परिसंघ (बीईएफआई) शामिल हैं। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने यूनियनों द्वारा उठाई गई मांगों पर विचार-विमर्श करने का आश्वासन दिया है।
सुनवाई की अगली तारीख 22 अप्रैल
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने कहा कि आईबीए ने भर्ती, पीएलआई और अन्य प्रमुख मुद्दों पर आगे की चर्चा का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मुख्य श्रम आयुक्त ने पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यान्वयन की प्रत्यक्ष निगरानी का आश्वासन दिया है। यूएफबीयू ने प्रदर्शन समीक्षा और प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) पर वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के हाल के निर्देशों को तत्काल वापस लेने की भी मांग की थी, जो नौकरी की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं और कर्मचारियों के बीच विभाजन पैदा करते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, मुख्य श्रम आयुक्त ने सुनवाई की अगली तारीख 22 अप्रैल तय की है और आईबीए से यूएफबीयू की मांगों पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
यूनियनों ने आईबीए के साथ लंबित शेष मुद्दों के समाधान तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए योजना की तर्ज पर ग्रेच्युटी अधिनियम में संशोधन कर सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने तथा आयकर से छूट देने की भी मांग की है।
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