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Hindi News पैसा बिज़नेस Birthday Special: मुकेश अंबानी @ 68: तेल से लेकर टेलीकॉम तक सफलता की उड़ान, पढ़ें आइडिया किंग की बेमिसाल जर्नी

Birthday Special: मुकेश अंबानी @ 68: तेल से लेकर टेलीकॉम तक सफलता की उड़ान, पढ़ें आइडिया किंग की बेमिसाल जर्नी

साल 2002 में पिता धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद मुकेश अंबानी ने रिलायंस की कमान संभाली थी। तब से लेकर अब तक मुकेश अंबानी ने कभी पीछ मुड़कर नहीं देखा है।

Mukesh Ambani and Dhirubhai Ambani- India TV Paisa Image Source : FILE मुकेश अंबानी और धीरूभाई अंबानी

रिलायंस सिर्फ कंपनी नहीं, एक सोच है और उस सोच का नाम है मुकेश अंबानी। आज 19 अप्रैल है। यह दिन कैलेंडर में खास है क्योंकि आज ही मुकेश अंबानी का जन्मदिन है। वे 68 साल के हो गए हैं। मुकेश अंबानी ने अपनी काबिलियत और विजन के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के सम्राज्य को कई गुना बड़ा ​कर दिया है। उन्होंने तेल से लेकर टेलीकॉम तक सफलता का पताका फहराया है। अपनी मेहनत से 'रिलायंस' को इंडिया की पहचान बना दिया है। आखिर कैसे घीरूभाई अंबानी की विरासत को मुकेश अंबानी ने सिर्फ संभाला ही नहीं बल्कि कई गुना बड़ा भी किया है। 68 साल के सफर में उनके राह में कितनी रुकावटें और मुश्किलें आईं और कैसे उन्होंने सभी को पार करते हुए सफलता की सीढ़ियां बनाईं। आइए मुकेश अंबानी उर्फ आइडिया किंग की बेमिसाल जर्नी से आप सभी को रूबरू कराते हैं। 

Image Source : Fileपूरे परिवार के साथ मुकेश अंबानी

यमन में हुआ था जन्म 

मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 को ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी अदन (वर्तमान यमन) में हुआ था। उनके पिता, धीरूभाई अंबानी, एक छोटे व्यापारी थे, लेकिन बड़े सपनों के साथ 1966 में रिलायंस की नींव रखी। मुकेश की शिक्षा मुंबई के हिल ग्रेंज हाई स्कूल से हुई और फिर उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली। बाद में उन्होंने अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए किया, लेकिन 1981 में भारत लौटकर पिता के साथ व्यवसाय में शामिल हो गए।

सफलता की पहली सीढ़ी

1980 के दशक में भारत में पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर उभर रहा था, और यहीं से मुकेश अंबानी की कारोबारी यात्रा शुरू हुई। उन्होंने रिलायंस को टेक्सटाइल कंपनी से पेट्रोकेमिकल्स और रिफाइनिंग में बदला। जमनगर रिफाइनरी, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग इकाई है, अंबानी की सोच और स्केल के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है।

Image Source : Fileमुकेश अंबानी और धीरूभाई अंबानी

2002 में संभाली थी रिलायंस की कमान 

साल 2002 में पिता धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद मुकेश अंबानी ने रिलायंस की कमान संभाली थी। तब से लेकर अब तक मुकेश अंबानी ने कभी पीछ मुड़कर नहीं देखा है। आज के समय में 17.26LCr के मार्केट कैप के साथ रिलायंस बाजार मूल्याकंन में देश की सबसे बड़ी कंपनी है। बता दें, जब मुकेश अंबानी ने रिलायंस की कमान संभाली थी। तब रिलायंस का मार्केट कैप 75,000 करोड़ रुपये का था। रिलायंस का कारोबार आज के समय में पेट्रोलियम, रिटेल, टेलीकॉम और ग्रीन एनर्जी समेत कई अन्य सेक्टर्स में फैला हुआ है। 

अपनी मेहनत से बनाया साम्राज्य 

धीरूभाई अंबानी ने जरूर अपने खून-पसीने से सींच कर रिलायंस को खड़ा किया, लेकिन उसको बड़ा बनाने में मुकेश अंबानी का बड़ा योगदान है। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज न सिर्फ पेट्रोलियम की दुनिया में बल्कि डिजिटल, मोबाइल, रिटेल और ग्रीन एनर्जी में अपना परचम लहरा रही है। इसका श्रेय मुकेश अंबानी को जाता है। मुकेश अंबानी ने अपनी सूझबूझ से रिलायंस का करोबार लगातार विस्तार कर रहे हैं। टेलिकम्युनिकेशन के साथ जियोमार्ट के जरिए रिटेल बिजनेस में रिलायंस ने अपना दबदबा बनाया। 

Image Source : Fileमुकेश अंबानी, अनिल अंबानी और धीरूभाई अंबानी

चुनौतियां भी आईं पर डटे रहे

बड़ी उपलब्धियों के साथ, विवाद और चुनौतियां भी मुकेश अंबानी के रास्ते में आईं। रिलायंस ग्रुप में अनिल अंबानी के साथ अलगाव, स्पेक्ट्रम विवाद, पेट्रोलियम प्राइसिंग विवाद के बावजूद मुकेश अंबानी अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहे। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने कभी भी आलोचनाओं को सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से नहीं जवाब दिया, बल्कि नतीजों से जवाब दिया। आज इसका परिणाम सबके सामने हैं। मुकेश अंबानी का डंका सभी ओर बज रहा है। 

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