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₹145 करोड़ का FD घोटाला आया सामने, ED की कई ठिकानों पर छापेमारी, इस बैंक में पैसे थे जमा

ED का यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है, जो हरियाणा विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा मार्च में दर्ज FIR पर आधारित है। इस FIR में पंचकूला नगर निगम के करीब 145 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट में गबन के आरोप लगाए गए थे, जो सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में ज

बैंक अधिकारियों ने फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर इन लेनदेन को मंजूरी दी।- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY बैंक अधिकारियों ने फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर इन लेनदेन को मंजूरी दी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बताया कि उसने हरियाणा के पंचकूला नगर निगम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़े करीब 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बुधवार को की गई इन छापेमारियों में चंडीगढ़ और पंचकूला (हरियाणा) के अलावा पंजाब के जीरकपुर, डेराबस्सी और पटियाला जिले के राजपुरा समेत करीब एक दर्जन ठिकाने शामिल थे।

इन लोगों के ठिकानों की हुई तलाशी

छापेमारी के दौरान ED ने बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र सिंह, शाखा के पूर्व कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव, नगर निगम के पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक समेत कई अन्य लोगों के ठिकानों की तलाशी ली। एजेंसी ने इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद करने की बात कही है। इस मामले में हरियाणा ACB पहले ही पुष्पेंद्र सिंह, दिलीप राघव समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

आपराधिक साजिश का खुलासा

ED के अनुसार, शुरुआती जांच में नगर निगम के अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और कुछ निजी व्यक्तियों के बीच आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसके तहत सरकारी फंड को हेराफेरी कर निकाल लिया गया। जांच में सामने आया है कि दिलीप राघव और पुष्पेंद्र सिंह ने विकास कौशिक की मदद से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर पंचकूला नगर निगम के नाम पर दो बैंक खाते खोले। इसके बाद असली खातों से पैसे फर्जी अनुमति पत्रों के जरिए इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर किए गए।

फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर इन लेनदेन को मंजूरी

बैंक अधिकारियों ने फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर इन लेनदेन को मंजूरी दी। ED के मुताबिक, इन खातों में ट्रांसफर किए गए पैसे बाद में कुछ फाइनेंसरों-रजत दहड़ा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार को भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि ये पैसे बाद में वापस पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचाए गए। कुछ रकम रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य निजी लोगों को भी ट्रांसफर की गई। इसके अलावा, आरोपियों ने नगर निगम को 16 फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें भी दीं, जिनमें 145.03 करोड़ रुपये के निवेश और 158.02 करोड़ रुपये की मैच्योरिटी वैल्यू दर्शाई गई थी।

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