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नए वित्त वर्ष शुरू होने के साथ आई गुड न्यूज, GST कलेक्शन ₹1.96 लाख करोड़ के पार पहुंचा

इस तिमाही में जीएसटी संग्रह 5.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.4 प्रतिशत अधिक है।

Gst- India TV Hindi
Image Source : FILE जीएसटी

GST collections: 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही सरकार के लिए गुड न्यूज आ गई है। दरअसल, मार्च महीने में माल एवं सेवा कर (GST) का कलेक्शन 9.9 प्रतिशत बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि पिछले महीने यह 1.84 लाख करोड़ रुपये था। मार्च लगातार 13वां महीना रहा, जिसमें जीएसटी कलेक्शन 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इस तिमाही में जीएसटी संग्रह 5.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.4 प्रतिशत अधिक है। रिफंड को घटाने के बाद मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह भी पिछले वर्ष की तुलना में 7.6 प्रतिशत अधिक रहा। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। घरेलू लेनदेन से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 8.8 प्रतिशत बढ़कर 1.49 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 13.56 प्रतिशत बढ़कर 46,919 करोड़ रुपये रहा। 

सकल संग्रह में 38,145 करोड़ रुपये का केंद्रीय जीएसटी संग्रह, 49,891 करोड़ रुपये का राज्य जीएसटी संग्रह और 95,853 करोड़ रुपये का एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) शामिल है। मार्च के दौरान उपकर संग्रह 12,253 करोड़ रुपये रहा। मार्च में कुल रिफंड 41 प्रतिशत बढ़कर 19,615 करोड़ रुपये हो गया। रिफंड समायोजित करने के बाद, मार्च 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि है। अप्रैल, 2024 में जीएसटी संग्रह 2.10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 

मांग बढ़ने से बढ़ा कर संग्रह 

डेलॉयट इंडिया के साझेदार एम एस मणि ने कहा कि मार्च के लिए सकल जीएसटी संग्रह में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि व्यवसायों द्वारा साल के अंत में बिक्री को बढ़ावा देने के प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह देखना बहुत उत्साहजनक है कि यह कोई एकमात्र मामला नहीं है, क्योंकि जीएसटी संग्रह में हर महीने लगातार वृद्धि देखी गई है, जो वार्षिक सकल जीएसटी संग्रह में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि से परिलक्षित होती है।” अप्रैल-मार्च के दौरान सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि है। मणि ने कहा, “मुख्य विनिर्माण और उपभोक्ता राज्यों में जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर में व्यापक भिन्नता बनी हुई है। 

इन राज्यों में बढ़ा टैक्स कलेक्शन 

महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों ने 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखाई है। जबकि गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों में एक प्रतिशत की गिरावट से लेकर सात प्रतिशत की सीमा में वृद्धि हुई है, जो मार्च महीने के लिए बहुत ही असामान्य है। इन राज्यों में क्षेत्रवार वृद्धि और अनुपालन दरों का मूल्यांकन करके इसके कारणों को समझने की आवश्यकता है।” केपीएमजी इंडिया के साझेदार और प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) अभिषेक जैन ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कर संग्रह में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि आर्थिक स्थिरता और कंपनियों द्वारा मजबूत कर अनुपालन को दर्शाती है। जैन ने कहा, “वित्त वर्ष के अंत में समायोजन और समाधान की प्रक्रिया जारी रहने के साथ, हम अगले संग्रह में मासिक वृद्धि में और बढ़ोत्तरी की उम्मीद कर सकते हैं।” 

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