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किसानों को बड़ी राहत: खरीफ 2026 के लिए ₹41,534 करोड़ की खाद सब्सिडी मंजूर

कैबिनेट के इस फैसले के तहत यह छूट 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इससे किसानों की खेती की लागत में कमी आएगी और खरीफ फसल को समर्थन मिलेगा।

बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव।- India TV Hindi
Image Source : ANI बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव।

केंद्र सरकार ने बुधवार को फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर खरीफ 2026 सीजन के लिए ₹41,534 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी दे दी है। यह सब्सिडी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति(CCEA) की बैठक में लिया गया। यह सब्सिडी 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि खरीफ 2025 की तुलना में सब्सिडी में ₹4,317 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है।

पोषक तत्वों पर तय सब्सिडी दरें

खरीफ 2026 के लिए सरकार ने प्रति किलोग्राम सब्सिडी दर इस प्रकार तय की है:
नाइट्रोजन: ₹47.32
फॉस्फेट: ₹52.76
पोटाश: ₹2.38
सल्फर: ₹3.16

सरकार ने इस बार नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर सब्सिडी दरों में बढ़ोतरी की है, जबकि पोटाश की दर को पिछले रबी सीजन के समान ही रखा गया है।

रबी 2025-26 की तुलना

पिछले रबी सीजन में सब्सिडी दरें इस प्रकार थीं:
नाइट्रोजन: ₹43.02 प्रति किलोग्राम
फॉस्फेट: ₹47.96 प्रति किलोग्राम
पोटाश: ₹2.38 प्रति किलोग्राम
सल्फर: ₹2.87 प्रति किलोग्राम
NBS योजना के तहत सब्सिडी

पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना यानी NBS के तहत दी जाती है, जो अप्रैल 2010 से लागू है। इस योजना के तहत 28 प्रकार के उर्वरकों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। गैर-यूरिया उर्वरकों जैसे DAP, MOP और NPK की खुदरा कीमतें कंपनियां तय करती हैं, जबकि सरकार उन्हें तय सब्सिडी देती है।

बजट प्रावधान

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना और यूरिया सब्सिडी योजना के तहत कुल बजट आवंटन लगभग ₹1,70,799 करोड़ रखा गया है, जिसमें खरीफ 2026 और रबी 2026-27 दोनों शामिल हैं। सरकार के इस फैसले से किसानों को खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी और खरीफ सीजन में उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उर्वरकों और यूरिया, DAP, MOP तथा सल्फर जैसे इनपुट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए यह फैसला किया है। उर्वरक कंपनियों को मंजूर और अधिसूचित दरों के अनुसार सब्सिडी दी जाएगी, ताकि किसानों को उर्वरक किफायती कीमतों पर उपलब्ध हो सकें।

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