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7 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में आ सकती है भारी गिरावट, 28% लुढ़ककर इतने यूनिट रहने की आशंका

दिल्ली-एनसीआर में बिक्री में 20 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है, जो 15,650 यूनिट से घटकर 12,520 यूनिट रह जाएगी।

पुणे में बिक्री 22,990 यूनिट से 30 प्रतिशत घटकर 16,100 यूनिट रह सकती है।- India TV Hindi
Image Source : FILE पुणे में बिक्री 22,990 यूनिट से 30 प्रतिशत घटकर 16,100 यूनिट रह सकती है।

ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण जनवरी-मार्च की अवधि में सात प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 28 प्रतिशत घटकर 93,280 इकाई रह जाने का अनुमान है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक ने अपने ताजा अनुमान में यह बात कही है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एनारॉक ने कहा कि आवासीय कीमतों में आसमान छूती तेजी और भू-राजनीतिक प्रतिकूलताओं ने 2025 की पहली तिमाही में भारतीय आवास बाजार की तेजी को धीमा कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-मार्च 2025 में कुल घरों की बिक्री 93,280 यूनिट रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,30,170 यूनिट से 28 प्रतिशत कम है।

दिल्ली-एनसीआर में बिक्री में 20% घटने का अनुमान

खबर के मुताबिक, सात प्रमुख शहरों में से, दिल्ली-एनसीआर में बिक्री में 20 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है, जो 15,650 यूनिट से घटकर 12,520 यूनिट रह जाएगी। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 42,920 यूनिट से 26 प्रतिशत घटकर 31,610 यूनिट रह जाने का अनुमान है। बेंगलुरू में आवास की बिक्री 17,790 यूनिट से 16 प्रतिशत घटकर 15,000 यूनिट रह जाने का अनुमान है। पुणे में बिक्री 22,990 यूनिट से 30 प्रतिशत घटकर 16,100 यूनिट रह सकती है।

हैदराबाद में आवास की बिक्री 19,660 यूनिट से 49 प्रतिशत घटकर 10,100 यूनिट रह जाने का अनुमान है। चेन्नई में बिक्री 5,510 इकाइयों से 26 प्रतिशत घटकर 4,050 यूनिट रह जाने का अनुमान है। कोलकाता में आवासीय संपत्तियों की बिक्री इस साल जनवरी-मार्च में 31 प्रतिशत घटकर 3,900 यूनिट रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 5,650 यूनिट थी।

आवासीय बाजार की गतिविधि पर असर

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि भारत का समग्र आर्थिक परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है, जीडीपी वृद्धि दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रहने का अनुमान है और मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में है। हालांकि, आवास की बढ़ती कीमतें और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसी वैश्विक चुनौतियों ने भारत के आवासीय बाजार की गतिविधि पर असर डाला है। पुरी ने कहा कि ये कारक 2025 की पहली तिमाही में आवास बाजार में भी असर डालेंगे।

बाजार में सुधार का संकेत

रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए निर्माण फर्म बीसीडी ग्रुप के सीएमडी अंगद बेदी ने कहा कि आवास इकाइयों की बिक्री में गिरावट बाजार में सुधार का संकेत है। प्रॉपर्टी फर्स्ट के संस्थापक और सीईओ भावेश कोठारी ने कहा कि आवासीय रियल एस्टेट सेगमेंट में मांग चक्रीय है, लेकिन उन्होंने कहा कि संभावित ग्राहकों की ओर से पूछताछ मजबूत बनी हुई है। हाल ही में, रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी ने भी कहा कि जनवरी-मार्च के दौरान नौ प्रमुख शहरों में आवास की बिक्री सालाना 23 प्रतिशत घटकर लगभग 1.06 लाख यूनिट रह सकती है।

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